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सरकार के खिलाफ किया हल्ला बोल प्रदर्शन

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शहर में जुलूस निकालते सर्व कर्मचारी संघ के सदस्य। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले तमाम सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने रविवार को हल्ला बोल कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान कर्मचारी जुलूस की शक्ल में डीसी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों का यह प्रदर्शन पूर्व नियोजित था। कर्मचारी रविवार सुबह 10 बजे भाई कन्हैया साहिब चौक स्थित पार्क में एकत्र हुए। इस दौरान पांच दिन से प्रदर्शन कर रहीं आंगनबाड़ी वर्कर्स भी समर्थन देने पहुंची। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने समर्थन देते हुए कर्मचारियों के साथ शहर में जुलूस निकाला और नारेबाजी की। इसमें रिटायर्ड कर्मचारी संघ, सीटू, विभिन्न परियोजना वर्कर्स व संयुक्त किसान सभा, अखिल भारतीय किसान संघ सहित अन्य कर्मचारी व किसान संगठन शामिल रहे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सौढे ने की। भाई कन्हैया साहिब चौक से नारेबाजी करते हुए कर्मचारी जुलूस की शक्ल में जिला सचिवालय पहुंचे। यहां पर कर्मचारियों को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। यहां रिटायर्ड संघ के राज्य प्रधान जरनैल सिंह सांगवान, सीटू जिला सचिव शरबती देवी, कोषाध्यक्ष रामकुमार कांबोज, अध्यापक संघ से जिला प्रधान संजय कांबोज, एसकेएम जिला सचिव महिपाल चमरोड़ी, पीडब्ल्यूडी से जिला प्रधान किशोर कुमार, स्वास्थ्य सेवा से जिला प्रधान सुमित ऋषि, पब्लिक हेल्थ से प्रेम प्रकाश ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
इस दौरान नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों का लगातार शोषण कर रही है। कर्मचारियों की मांगों व समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। पूर्व के आंदोलन के दौरान मानी गई मांगें भी सरकार ने अभी तक लागू नहीं की है। सरकारी संपत्ति नीलाम की जा रही है। देश का युवा रोजगार की तलाश में भटक कर अपराध की राह पर निकल रहा है। इसके लिए सरकार जिम्मेदार है।
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उन्होंने कहा कि हल्ला बोल प्रदर्शन छंटित कर्मचारियों, पुरानी पेंशन बहाली, लिपिक को पे-मैट्रिक्स में 35,400 वेतन, ठेका प्रथा समाप्त, कर्मियों को पक्का करने, पक्का होने तक समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करने, खाली लाखों पदों पर पक्की भर्ती, जनता को बेहतर जन सुविधाएं देने, जन सेवाओं के किए जा रहे निजीकरण पर रोक लगाने, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कमजोर करने के प्रयासों पर रोक, ग्रुप डी के कर्मियों को ग्रुप सी में पदोन्नति का कोटा 20 से 50 प्रतिशत करने और पांच साल बाद पदोन्नति की अवधि दो साल करने आदि मांगों को हल्ला बोल प्रदर्शन किया गया।
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