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मंत्री से मिले डेयरी संचालक, रिहाशी कॉलोनियों में चल रही डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने की मांग

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यमुनानगर। कैल, दड़वा, औरंगाबाद व रायपुर डेयरी कांप्लेक्स में पशु डेयरी चलाने वाले लोग डेयरी यूनियन यमुनानगर जगाधरी के बैनर तले लघु सचिवालय में शहरी एवं स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता से मिले। उन्होंने मंत्री को बताया कि शहर की रिहायशी कॉलोनियों में सैकड़ों की संख्या में पशु डेयरियां चल रही है। इनसे सरकार के स्वच्छता अभियान को नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा भूसे का इस्तेमाल उद्योगों में किए जाने का मामला भी उठाया। जिस पर मंत्री ने इस पर जल्द ही सख्त एक्शन लिए जाने की बात की।
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डेयरी यूनियन के प्रधान सुरजीत सिंह, जितेंद्र लांबा ने मंत्री को बताया कि प्रशासन की पाबंदी के बावजूद पशु डेयरियां शहर की रिहायशी कॉलोनियों में चल रही हैं। पिछले दिनों 126 लोगों को नगर निगम की तरफ से नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन अब एक भी डेयरी शहर से बाहर नहीं गई है। जबकि उन्होंने डेयरी कांप्लेक्स में लाखों रुपये के प्लॉट लेकर वहां निर्माण किए हैं। वह कई किलोमीटर दूर स्थित कांप्लेक्स से शहर में आकर दूध बेचते हैं। परंतु प्रशासन की तरफ से शहर में चल रही अवैध डेयरियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
सुरजीत सिंह ने बताया कि फसल कटाई के बाद जो फसल अवशेष बचते हैं उनका भूसा फैक्टरियों में बेचा जा रहा है। भूसे से गत्ता व कागज बन रहा है। इससे पशुपालकों को काफी नुकसान हो रहा है। उन्हें अपने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा नहीं मिल रहा। यदि इस पर पाबंदी नहीं लगाई गई तो एक दिन पशुओं का पेट भरने के लिए भी चारा नहीं मिलेगा। इसे सरकार को गंभीरता से लेना होगा।
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