31 दिसंबर को विजिलेंस ने पटवारी के सहायक को आठ हजार की रिश्वत लेते काबू किया था। दो हजार पटवारी पहले ही ले चुका था, पूछताछ में एक हजार रुपये बरामद किए गए हैं। आरोपी को जेल भेजा गया है।
यमुनानगर में विजिलेंस की टीम ने तेजली पटवारखाने के पटवारी राहुल को प्लाट की जमाबंदी करने के नाम पर दस हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आठ हजार रुपये पटवारी के सहायक संजीव उर्फ संजू ने लिए थे। जबकि दो हजार रुपये पटवारी पहले ही ले चुका था। विजिलेंस ने 31 अगस्त को पटवारी राहुल के सहायक संजीव को आठ हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया था।
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शिकायतकर्ता का आरोप था कि संजू ने पटवारी के नाम पर दस हजार रुपये मांगे थे। आठ हजार रुपये संजू ने लिए थे। जबकि दो हजार रुपये पटवारी पहले ही ले चुका था। पूछताछ में विजिलेंस ने पटवारी से एक हजार रुपये की रिकवरी की है। गुरुवार को उसे सीजेएम मोनिका की अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जगाधरी की शंकर नगर कॉलोनी निवासी हरीश भोला ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि उसकी पत्नी के नाम जगाधरी में प्लाट है। जिसकी उन्होंने जमाबंदी करानी थी। जब वही जमाबंदी के लिए पटवारखाने में गए तो पटवारी व उसके सहायक संजू ने उनसे इस काम के लिए 35 हजार रुपये मांगे गए थे। बाद में 10 हजार रुपये में बात पक्की हुई थी।
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दो हजार रुपये पटवारी राहुल ने पहले ले लिए थे। आठ हजार रुपये देने के लिए उसका सहायक संजू बार बार उन्हें फोन कर रहा था। जिसके बाद उन्होंने विजिलेंस को शिकायत दी थी। इसके बाद विजिलेंस ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। योजना के तहत 31 अगस्त को हरीश भोला पटवारखाने में गया। जब वह वहां पहुंचा तो पटवारी राहुल वहां नहीं था।
वहां उसका सहायक संजीव उर्फ संजू था। जब वह संजीव को आठ हजार रुपये देने लगा तो विजिलेंस ने दबिश देकर उसे रंगे हाथ दबोच लिया था। हरीश भोला ने बताया था कि रिश्वत पटवारी राहुल मांग रहा था। जिसके बाद विजिलेंस ने अब पटवारी मोती बाग कॉलोनी निवासी राहुल को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी से रिश्वत के दो हजार रुपये में से एक हजार रुपये बरामद किए गए है।