वन रक्षकों द्वारा पकड़ी गई खैर की लकड़ी से भरी कार
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हरियाणा के यमुनानगर में छछरौली क्षेत्र के कांसली चौकी पर नाका लगाकर पकड़ी खैर से भरी कार को तस्करों ने वन रक्षक से मारपीट कर छुड़ा लिया। भागते हुए कार सड़क किनारे फंस गई। जिसके बाद आरोपी तस्कर कार से उतरकर फरार हो गए। कलसिया रेंज के कर्मचारियों ने कार को कब्जे में ले लिया है।
वन रक्षक ने खैर तस्करी के दो आरोपियों के खिलाफ प्रतापनगर पुलिस को शिकायत दी है। जिसमें आरोपियों पर जंगल से खैर की लकड़ी चोरी करने, वन कर्मचारी के साथ मारपीट करने व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है। प्रतापनगर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
चिक्कन बीट इंचार्ज वनरक्षक देवव्रत ने बताया कि उनको सूचना मिली थी कि चिक्कन जंगल से स्विफ्ट कार में खैर की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही उसने कांसली चौकी पर नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी है। थोड़ी देर बाद चिक्कन की तरफ से एक कार आती दिखाई दी।
उसने कार को रोककर जब खिड़की खोली तो अंदर खैर की लकड़ी भरी हुई मिली। इसी दौरान वहां पर एक अन्य युवक और पहुंच गया जो उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट व हाथापाई करने लगा। आरोपियों ने कहा कि कार को छोड़ दे वरना उसे जान से मार देंगे। इस दौरान एक व्यक्ति ने उसे पकड़ लिया। जिसके बाद कार चालक कार लेकर मौके से भागने में कामयाब हो गया।
उसके तुरंत बाद वह भी बाइक लेकर कार के पीछे चल पड़ा। कुछ दूरी पर चलने के बाद कार अनियंत्रित होकर बनियावाला सड़क के किनारे उतर गई। सड़क किनारे कार फंसने पर आरोपी उससे उतरकर फरार हो गया। उन्होंने कार को कब्जे में लेकर छछरौली रेंज कार्यालय में पहुंचाया और चिक्कन निवासी दो लोगों के खिलाफ थाने में शिकायत दी।
प्रतापनगर थाना के एडिशनल इंचार्ज चरणजीत सिंह का कहना है कि वन रक्षक की शिकायत आई है। मामले में चिक्कन निवासी असलम व शरीफ के खिलाफ खैर तस्करी, मारपीट व सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।