चावलों से भरे ट्रक लूट का एक आरोपी 26 साल बाद यमुनानगर से गिरफ्तार किया गया है। कैथल के गांव फरल निवासी कुशहाल की ओर से समालखा थाने में शिकायत दी गई थी। कोर्ट की ओर से भगोड़ा घोषित किया गया था। अब पानीपत पुलिस को सफलता मिली है।
हरियाणा के यमुनानगर में ट्रक लूट के मामले में 1996 में भगोड़ा करार देने के बाद यमुनानगर में आकर किराए पर रहने वाले सहारनपुर चंडी निवासी इमरान उमर को आखिरकार पानीपत की पुलिस ने ढूंढ निकाला। उसे शुक्रवार को यमुनानगर से काबू किया गया। वह 26 साल से पानीपत की पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था।
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एएसपी मयंक मिश्रा के मुताबिक थाना समालखा में सात जनवरी 1996 को कैथल जिला के गांव फरल निवासी कुशहाल ने शिकायत देकर बताया था कि वह ट्रक में पानीपत से चावलों की 95 बोरी लाद कर दिल्ली जा रहा था।
गांव मनाना मोड़ के पास पहुंचते ही चार से पांच अज्ञात युवकों ने ट्रक रुकवा लिया और मारपीट कर जेब से पैसे निकाले और चावल से भरा ट्रक लूटकर ले गए थे। समालखा पुलिस ने उक्त वारदात के कुछ दिन बाद आरोपी तीर्थपाल निवासी उजना, नेत्रपाल निवासी परसराम महितारपुर सहारनपुर यूपी, फूलसिंह निवासी डाडोला व नरेश निवासी सिवाह पानीपत को गिरफ्तार कर पूछताछ की थी।
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आरोपियों ने अपने साथी इमरान उमर की संलिप्तता भी उजागर की थी। आरोपियों ने ट्रक से चावल की 46 बोरी बेचकर बची 49 बोरी सहित ट्रक को नरेला दिल्ली में खड़ा कर दिया था। आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया ट्रक बरामद कर चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था, जबकि इमरान उमर फरार चल रहा था।