Clouds covered the sky, light drops fell, the heat of the heat remained
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। आसमान में बादल छाने से सोमवार को तापमान में कुछ गिरावट तो आई, लेकिन लोगों को गर्मी से राहत बिल्कुल भी नहीं मिल सकी। सुबह से लेकर देर शाम तक लोग गर्मी से बेहाल रहे। लू के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। गर्मी की वजह से लोग पसीने से तरबतर रहे। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 38 डिग्री व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहा। एक दिन पहले अधिकतम तापमान पहले 42 डिग्री सेल्सियस था। जिसमें बादलों की वजह से चार डिग्री सेल्सियस की कमी आई।
सायं साढ़े चार बजे मौसम ने एक बार फिर करवट ली। आसमान में काले बादल छा गए। कहीं-कहीं हल्की बूंदें भी गिरी। जिससे मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी बादल छाए रहेंगे। आज अधिकतम तापमान 37 व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
गर्मी में पशुओं का दूध कम हुआ
गर्मी का असर केवल आमजन ही नहीं बल्कि पशुओं पर भी पड़ रहा है। तापमान बढ़ने से दुधारू पशु हीटस्ट्रोक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। जिससे पशुओं का दूध 20 से 30 प्रतिशत तक कम हुआ है। दूध कम होने से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पशु बीमारी की चपेट में भी आ रहे हैं। पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. सुरेंद्र सिंह का कहना है कि इस समय तापमान बहुत अधिक है जिससे पशुओं को बचाकर रखने की जरूरत है। अधिक गर्मी की वजह से दूध उत्पादन पर असर पड़ रहा है। इसके लिए जरूरी है कि पशुओं को रोजाना कम से कम दो बार नहलाएं। पशुओं को धूप की बजाय छायादार स्थान पर ही बांधें। इसके अलावा पशुओं के आहार में हरे चारे को ज्यादा शामिल करें। पशुओं के खाने में खल व फीड को शामिल करें। पशुओं में यदि बुखार के लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक से उनका उपचार करना चाहिए।
शीतल पेय से कुछ देर ही राहत
गर्मी से बचने के लिए लोग शीतल पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। बाजार में जहां भी नींबू की शिकंजी, गोंद कतीरा, आइसक्रीम की दुकानें हैं वहां लोगों की भीड़ लगी रहती है। हालांकि शीतल पेय पदार्थों से राहत कुछ देर के लिए ही मिलती है। उसके बाद फिर से गर्मी अपने तेवर दिखाने शुरू कर देती है।