संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग की पुलिस पुरुष सिपाही की परीक्षा दूसरे दिन भी शांतिपूर्वक रही। लेकिन परीक्षार्थियों की उपस्थिति उम्मीद से भी कम रही। कई केंद्रों पर तो दस प्रतिशत ही उपस्थिति दर्ज की गई। जबकि सभी केंद्रों पर उपस्थिति प्रतिशत 35 रहा। भले ही परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति कम रही हो, बावजूद इसके यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
दोनों सत्रों की परीक्षा में कुल उपस्थिति मात्र 38 प्रतिशत रही। जिले के दो खंडों में केंद्रों पर दो सत्रों में हुई पुलिस पुरुष सिपाही की परीक्षा में कुल 37550 अभ्यर्थियों ने नाम लेना था। परीक्षा के लिए शहर में पड़ने वाले शिक्षण संस्थानों में 59 परीक्षा केंद्र व बिलासपुर उपमंडल की शिक्षण संस्थाओं में आठ परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिले में कुल 67 केंद्रों पर परीक्षा हुई। यहां मंगलवार को भी दोनों सत्रों की परीक्षा होंगी। इस दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और व्यवस्था का जायजा लिया।
इस दौरान सुबह की परीक्षा साढ़े दस बजे से 12 बजे तक हुई। जबकि सायंकालीन सत्र की परीक्षा बाद दोपहर तीन बजे से शाम साढ़े चार बजे तक हुई। परीक्षा केंद्रों में गहनता से जांच के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। वहीं निगरानी के लिए सीसीटीवी और जैमर भी केंद्र में लगाए गए हैं। उप जिला शिक्षा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी शिव कुमार धीमान ने बताया कि हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग के जिला को-ऑडिनेटर संजय भौरिया से ने जानकारी दी कि सुबह के सत्र में कुल 18,850 अभ्यर्थियों की परीक्षा होनी थी। जिसमें से कुल 7,114 परीक्षार्थी ही पहुंचे। वहीं शाम की परीक्षा में 18,700 अभ्यर्थी आने थे, लेकिन कुल 7,045 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे।
यातायात पर दिखाई दिया असर
बाजारों में त्योहारी रश होने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था चरमाई हुई है। वहीं परीक्षा के दौरान हजारों वाहनों के आने से व्यवस्था और बिगड़ गई। सबसे ज्यादा असर शहर के मुख्य मार्गों, चौराहों व लिंक रोड पर देखने को मिला। परीक्षा से पहले व बाद में यहां से निकलना टेढ़ी खीर साबित हुआ। आलम यह रहा कि दो किलोमीटर का रास्ता तय करने में 20 से 25 मिनट लगे। परीक्षा से पहले और बाद में कई जगह जाम लगा। जिसे खुलवाने में पुलिस कर्मचारियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं बस स्टैंड पर भी अभ्यर्थियों के कारण भीड़ रही। जिससे अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।