फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुलेंगी 20 खेल नर्सरियां, तैयार होगी खिलाड़ियों की नई पौध

विज्ञापन
जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
विज्ञापन
सुरेश सैनी
विज्ञापन

यमुनानगर। जिले में खिलाड़ियों की नई पौध तैयार हो सके, इसके लिए खेल विभाग 20 नई खेल नर्सरियां तैयार करेगा। इस योजना का उद्देश्य खेलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारना है। इसी के तहत पूर्व संचालित खेल नर्सरी योजना में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं।
प्रदेश भर में इस योजना के तहत 1100 खेल नर्सरियां खोली जानी हैं। इनमें विभाग द्वारा 500 खेल नर्सरियां विभागीय प्रशिक्षकों द्वारा विभाग के खेल परिसरों में चलाई जाएंगी। इसके अलावा 600 खेल नर्सरियां सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों में व निजी खेल संस्थानों (निजी खेल एकेडमी व निजी खेल प्रशिक्षण केंद्र आदि) को आवंटित की जाएंगी। इनमें से 20 नर्सरियां यमुनानगर में खुलेंगी।
विज्ञापन

खोली जाने वाली खेल नर्सरियों को लेकर कुछ सामान्य दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। इनमें प्रत्येक नर्सरी का कार्यकाल एक अप्रैल से लेकर 31 जनवरी तक रहेगा, खेल नर्सरियां केवल उन्हें खेलों की खोली जाएंगी। जो ओलंपिक, एशियन व कॉमन वेल्थ गेम्स में सम्मिलित हैं। प्रत्येक नर्सरी में न्यूनतम 20 तथा अधिकतम 25 खिलाड़ी होंगे, साथ ही प्रतीक्षा सूची में पांच खिलाड़ी रखे जाएंगे। प्रत्येक खिलाड़ी के प्रतिमाह कम से कम 22 दिन हाजिर होने पर 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग को 1500 रुपये और 15 से 19 साल की आयु वाले खिलाड़ियों को हर माह दो हजार की दर से छात्रवृत्ति के रूप में खुराक राशि दी जाएगी। इन खिलाड़ियों की हाजिरी व दी गई राशि का प्रयोगात्मक प्रमाणपत्र जिला खेल अधिकारी को देने की जिम्मेवारी संबंधित विभागीय प्रशिक्षक संस्थान की होगी। साथ ही नर्सरी के खिलाड़ियों की छात्रवृत्ति राशि डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के तहत सीधे बैंक खाता में आएगी। संवाद
पहले खुली थी आठ नर्सरियां
जिला में इससे पहले सरकार ने स्कूलों में आठ खेल नर्सरियां खोली थी। आठ में से अब केवल एक ही नर्सरी चल रही थी। जिसे अब बंद कर दिया गया है। वहीं अब दोबारा से खेल विभाग स्टेडियमों में सरकारी कोच के मार्गदर्शन में खेल नर्सरी खोलने जा रहा है। इसके लिए विभाग ने जिला खेल अधिकारी से ऐसे खेलों की जानकारी मांगी थी, जिसमें जिला स्तर पर खेल नर्सरियां खोली जा सके। इसके लिए कोच से बच्चों की संख्या समेत अन्य जानकारी मांगी दी गई थी।
पहले आई ये दिक्कतें
पहले खेल नर्सरी को खोलने का उद्देश्य यही था कि स्कूल में पढ़ते हुए विद्यार्थी खेलों से जुड़कर भविष्य में अच्छे खिलाड़ी बन सकें। शुरुआती दिनों में तो नर्सरियों में काफी खिलाड़ी जुड़े। परंतु बाद में धीरे-धीरे खिलाड़ियों की संख्या कम होती चली गई। कुछ नर्सरियों में क्वालीफाई कोच नहीं मिल पाए। वहीं कुछ स्कूलों ने कोरोना महामारी का हवाला देते हुए नर्सरी न चलाने में सक्षम होने बारे खेल विभाग को पत्र लिख दिया।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार 1100 खेल नर्सरियां खोल रही है। इनमें यमुनानगर में 20 खेल नर्सरी खुल सकती हैं। उम्मीद है जनवरी माह में यह खेल नर्सरी खुल सकती हैं। इस दिशा में पूरी तेजी से काम चल रहा है। यह नर्सरियां पूरी तरह से खेल विभाग के अधीन होंगी। नर्सरी खुलने से खिलाड़ियों को काफी लाभ होगा। - राजिंद्र गुप्ता, जिला खेल अधिकारी।

जिला खेल अधिकारी राजिंद्र गुप्ता। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें