अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमरिंद्र शर्मा की कोर्ट ने सरकारी ट्रांसफार्मर ठीक करवाने के बहाने दुकान पर बेचने के मामले में छह जेई समेत 11 लोगों को दोषी करार दिया है। दोषियों को 16 अगस्त को सजा सुनाई जाएगी। करीब पांच साल से ये मामला कोर्ट में चल रहा था। कोर्ट ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए कुरुक्षेत्र की प्रोफेसर कॉलोनी निवासी जेई राकेश कुमार, जगाधरी की रूप नगर कालोनी निवासी जेई प्रवीन कुमार, फर्कपुर निवासी जेई अनिल कुमार, मैहलावाली निवासी जेई संजीव कुमार, सेक्टर-3 निवासी जेई प्रवीन कश्यप, लाडवा निवासी जेई गुरमीत सिंह ,गंगोह सहारनपुर निवासी सचिन कुमार, ढांड कैथल निवासी रमन कुमार, ननौता सहारनपुर निवासी अजय कुमार, करनाल के इंद्री निवासी संदीप कुमार व गुलाब नगर निवासी राधेश्याम को दोषी करार दिया है।
ये था मामला
फर्कपुर पुलिस ने यूएचबीवीएन विजिलेंस धूलकोट अंबाला के जेई मनोज पुरी की शिकायत पर 26 अक्टूबर 2016 को केस दर्ज किया था। जेई मनोज पुरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि सूचना के आधार पर विभाग की टीम ने ममीदी रोड स्थित शुभम इलेक्ट्रानिक्स पर छापामारी की। जांच में पता चला कि दुकान का मालिक अजय कुमार, बिजली निगम के जेई के साथ मिलकर सरकारी ट्रांसफार्मर की खरीद फरोख्त करता है। ट्रांसफार्मर से सामान निकालकर उसे प्राइवेट ट्रांसफार्मर में डाल देता है। इससे दोनों पक्ष रुपये कमा रहे हैं। जांच के दौरान दुकान पर 11 ट्रांसफार्मर मिले, जिसमें से चार सरकारी थे। आरोपी ने माना कि तीन ट्रांसफार्मर लाडवा तैनात जेई से व एक जगाधरी सिटी सब डिविजन में कार्यरत जेई से खरीदे गए हैं। नियमानुसार कर्मचारी ट्रांसफार्मर को प्राइवेट व्यक्ति को नहीं दे सकता। मामले में संलिप्त जेई ने सरकारी संपत्ति बेचकर गैर कानूनी कार्य किया है। तब पुलिस ने इस मामले में कुरुक्षेत्र की प्रोफेसर कालोनी निवासी जेई राकेश कुमार, जगाधरी की रूप नगर कॉलोनी निवासी जेई प्रवीन कुमार, फर्कपुर निवासी जेई अनिल कुमार, मैहलावाली निवासी जेई संजीव कुमार, सेक्टर-3 निवासी जेई प्रवीन कश्यप, लाडवा निवासी जेई गुरमीत सिंह ,गंगोह सहारनपुर निवासी सचिन कुमार, ढांड कैथल निवासी रमन कुमार, ननौता सहारनपुर निवासी अजय कुमार, करनाल के इंद्री निवासी संदीप कुमार व गुलाब नगर निवासी राधेश्याम पर केस दर्ज किया था। इसके बाद मामले की जांच डीएसपी रैंक के अधिकारियों द्वारा की गई। शुक्रवार को सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपियों को दोषी करार दिया।