संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ऑनलाइन गेम खरीदने के नाम पर दस्तावेज स्कैन करके मैकेनिकल इंजीनियर से साइबर ठगी की गई। साइबर ठग ने पहले गेम बेचने के नाम पर 20 हजार की ठगी की। इसके बाद दस्तावेजों के आधार पर बैंक में खाता खुलवाया। इस खाते से डेढ़ लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। शहर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
माडल टाउन निवासी हरसिमरण सिंह ने शहर थाना पुलिस को शिकायत दी है कि वह मैकेनिकल इंजीनियर है। पिता के साथ अपनी कंपनी ससौली रोड स्थित लार्क इंजीनियर में कार्य करता है। उसका चचेरा भाई और वह मिलकर सोनी प्लेस्टेशन-5 गेम खरीदना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने नेट पर सर्च किया। इस दौरान पता चला कि यह गेम कोई अक्षय तंवर नाम का युवक 50 हजार रुपये में बेच रहा है।
उससे बात की, तो उसने पहले 20 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से भेजने की बात कही। अक्षय ने अपने भाई अजय से बात कराई। इसके बाद आरोपी के दिए स्कैनर पर उन्होंने गूगल पे के माध्यम से पेमेंट कर दी। जिस स्कैनर पर पैसे ट्रांसफर किए गए थे। वह किसी पूनम देवी सुरपटैक इंजीनियर के नाम से आया।
इसके बाद आरोपी ने उनके दस्तावेज मांगे। चचेरे भाई हरसिरत के दस्तावेज दे दिए। कुछ दिन बाद आरोपी का फोन आया कि हरसिरत का फोन नहीं लग रहा है। उसके नंबर पर दस्तावेज सत्यापन करने के लिए ओटीपी आया है। उसने वह ओटीपी पता कर आरोपी को बता दिया। आरोपी ने बकाया पैसे भेजने के लिए एक खाता नंबर दिया, लेकिन उस समय उनके पास पैसे नहीं थे। इस वजह से वह आरोपी के बताए नंबर पर पैसे नहीं भेज सके।
28 सितंबर को उनके पास थानेसर के सिरसमा स्थित एक बैंक से एक लेटर आया, जिससे पता लगा कि उनके दस्तावेज प्रयोग कर आरोपी ने बैंक में खाता खुलवाया है। वहीं इस खाते से 1.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए हुए हैं। उन्होंने बैंक अधिकारियों से बात कर खाता फ्रिज कराया। आरोपी के नंबर पर कॉल की, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। उन्होंने परेशान होकर इसकी शिकायत शहर थाना पुलिस को दी। शहर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। जांच कर रहे है।