राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान नागपुर के वरिष्ठ समन्वयक की ओर से बुधवार को हरियाणा के रेवाड़ी के जिला सचिवालय सभागार में तनाव मुक्त एवं दवा मुक्तजीवन जीने के विषय पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
उपायुक्त सीजी रजनी कांथन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में भागदौड़ की जिंदगी में अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए जोर दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि तनाव के कारण मनुष्य हृदय रोग व कैंसर जैसी भयंकर और जानलेवा बीमारियों को न्योता दे रहा है।
यदि हम अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान नहीं देंगे तो यह भी ज्यादा समय तक हमारा साथ नहीं देगा। हमें अपने व्यस्त कार्यक्रम में से कुछ समय अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए भी निकालना चाहिए।
अपने स्वास्थ्य का समय-समय पर चेकअप अवश्य करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के मशीनी युग में आयुर्वेदिक दवाइयां विभिन्न प्रकार की बीमारियों को जड़ से समाप्त करने में रामबाण सिद्ध हो रही हैं।
आयुर्वेदिक पद्धति से शरीर पर भी कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। उन्हाेंने कहा कि आयुर्वेद भारत के पारम्परिक स्वास्थ्य विज्ञान का हिस्सा है।
डॉ. स्वाति ने तनाव मुक्तजीवन शैली और दवा मुक्तजीवन जीने संबंधी विभिन्न बिंदुओं पर प्रोजेक्टर के माध्यम से बारीकी से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि कुछ टिप्स अपनाकर व्यक्तिअपने जीवन को तनाव मुक्त, दवा मुक्त और खुशहाल बना सकता है।
उन्होंने बताया कि व्यक्ति को अपने जीवन में व्यायाम, प्राणायाम और योगासन अवश्य करने चाहिए। उन्होंने बताया कि अर्जुन की छाल रक्तचाप को ठीक करने में रामबाण है।
उन्होेंने बताया कि दस-दस मिनट के वार्मअप, तेज चाल, मंद चाल से भी शरीर को रोगमुक्तरखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए।
उन्होंने डायबिटीज से होने वाले जोड़ों के दर्द और अन्य बीमारियों पर भी बारीकी से प्रकाश डाला और उनसे बचाव संबंधी टिप्स दिए।
इस अवसर पर डॉ. जीत और डॉ. रिया समेत विभिन्न रोगों के चिकित्सकों ने भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्तउपायुक्तसुल्तान सिंह घोसवाल, उपमंडल अधिकारी (ना.) सुभिता ढाका आदि उपस्थित थे।