जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंद्रजीत मेहता की अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में आरोप साबित होने पर दोषी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को दस हजार रुपये जुर्माने की भी सजा सुनाई है।
गांव बुसाना निवासी कृष्ण ने पांच जुलाई, 2012 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उन्होंने अपनी बहन कृष्णा (44) की शादी गांव ढुराना निवासी सत्यनारायण के साथ की थी। सत्यनारायण से कृष्णा को दो बेटियां और एक बेटा हुआ। सत्यनारायण और कृष्णा के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर अकसर कहासुनी होती थी।
अपने पति से परेशान होकर उसकी बहन कृष्णा कई बार गांव बुसाना स्थित अपने मायके भी चली आती थी। वह अपनी बेटी की शादी के चलते ही मायके से अपनी ससुराल आई थी।
पांच जुलाई की सुबह कृष्णा घर के आंगन में खाना पकाने की तैयारी कर रही थी। जब वह चटनी बना रही थी तो इसी दौरान उसकी पति सत्यनारायण से उसकी झड़प हो गई थी।
इसी बीच सत्यनारायण ने अपनी पत्नी के सिर में डंडे से हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। हमला करने के बाद सत्यनारायण मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने गांव बुसाना निवासी कृष्ण के बयान पर सत्यनारायण के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंद्रजीत मेहता की अदालत ने सत्यनारायण को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को उम्रकैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।