सिरसा में राजस्व अधिकारियों के समक्ष एक विधवा का फर्जी पति बनाकर पेश कर भूमि पर कब्जा दिलवाने वाले एक पटवारी और छह नंबरदारों के खिलाफ अदालत ने आदेश पर थाना सदर सिरसा पुलिस ने मामला दर्ज किया गया है।
मामले के अनुसार गांव नेजाडेला कलां निवासी खजानी देवी पत्नी स्व. अमीलाल उर्फ ओमप्रकाश ने अतिरिक्ति मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पवन कुमार की अदालत में इस्तगासा दायर करते हुए कहा कि वह अनुसूचित जाति से संबंधित है। उसके पति अमीलाल पुत्र नत्थुराम ने तीन जून 1976 को गांव नेजाडेला कला में भूमि आंवटन के लिए आवेदन किया था।
इस पर अमीलाल को मुरब्बा नंबर 95 किला नंबर 19 मिन, 21,22 मुरब्बा नंबर 96 किला नंबर 4,5 कुल रकबा 35 कनाल नौ मरला भूमि गांव नेजाडेला कलां में अलाट हो गई। भूमि आवंटन के आदेश उपमंडलाधिकारी द्वारा जारी किए गए थे। इसके बाद 20 नवंबर 2010 को अमीलाल का निधन हो गया।
निधन से पूर्व ही अमीलाल ने आवंटन से संबंधित सभी किश्ते सरकारी खजाने में जमा करवा दी थी। खजानी देवी का कहना है कि उसके पति की मौत के बाद उक्त भूमि को हड़पने के लिए पटवारी भीम सैन मोदी ने कानूनगो रामचंद्र, पटवारी मिलखराज,गांववासी विजय कुमार मोंगा के साथ मिलकर राजस्व अधिकारियों से एक षड़यंत्र के तहत मनीराम पुत्र नत्थू राम को उसका पति अमीलाल बनाकर पेश किया और उसे जमीन का कब्जा दिलवा दिया।
खजानी ने अदालत को बताया कि उक्त सभी ने एक साजिश के तहत उसके पति की सारी भूमि हड़प ली। प्रशासनिक जांच में भी षड़यंत्र का पर्दाफाश हुआ कि पटवारी भीम सैन मोदी ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर एक साजिश के तहत खजानी देवी के परिवार को नुकसान पहुंचाने की नीयत से भूमि हड़पने के लिए झूठी रिपोर्ट तैयार कर तहसीलदार सिरसा को भेज दी।
तहसीलदार को इस षड़यंत्र का पता नहीं था और उन्होंने रिपोर्ट को सच मान लिया था। अदालत ने प्रशासनिक रिपोर्ट और गवाहों के बिनाह पर याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपी नेजाडे़ला कलां के पटवारी भीम सैन मोदी, नंबरदार तेजेंद्र सिंह,नंबरदार होशियार सिंह, नंबरदार महेंद्र सिंह, नंबरदार इकबाल सिंह, नंबरदार गुरराज सिंह व नंबरदार श्याम लाल के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। थाना सदर पुलिस ने अदालत के आदेश पर सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।