गांव बिशनपुरा में गैस सिलेंडरों से भरे ट्रक से सरेआम गैस चोरी के बावजूद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
डीएफएससी
ने एचपी बोटलिंग प्लांट को पत्र लिखकर अपना कर्तव्य पूरा कर लिया है, वहीं
प्लांट के अधिकारियों का कहना है कि प्लांट से ट्रक के बाहर जाने के बाद
उनकी जिम्मेदारी नहीं है। वहीं, पुलिस का कहना है कि उन्हें मौके से कोई
सबूत नहीं मिले हैं, जबकि यह साफ है कि बिना ट्रक चालक की सहमति के ट्रक
में भरे सिलेंडरों से गैस चोरी नहीं की जा सकती। यदि उन्हें पकड़कर पूछताछ
की जाती तो सारे गिरोह का खुलासा हो जाता। इससे साफ है कि सभी आरोपियों की
बचाने में लगे हुए हैं।
वीरवार दोपहर को बोटलिंग प्लांट से
निकलने के बाद कुछ ट्रक अपनी मंजिल की ओर जाने की बजाय बिशनपुरा में सरकारी
स्कूल के पीछे खड़े थे। यहां पर सरेआम नोजल टाइप पाइप की मदद से ट्रक में
भरे सिलेंडरों से खाली सिलेंडरों में गैस चोरी करके भरी जा रही थी। मीडिया
कर्मियों के मौके पर पहुंचने पर आरोपी ट्रक समेत मौके से फरार हो गए।
हिमाचल जा रहा था ट्रक
डीएफएससी
अशोक कुमार के अनुसार ऐसे तीन मामलों में एफआईआर करवाई गई है। सूत्रों के
अनुसार वीरवार को जिस ट्रक से गैस चोरी की जा रही थी, वह जींद के ही एक
ट्रांसपोर्टर का है। यह गाड़ी वीरवार सुबह 10:05 बजे हिमाचल प्रदेश के
बिलासपुर स्थित ओम गैस सर्विस के लिए निकली थी। दोपहर को ही इससे गैस चोरी
का मामला सामने आ गया।
कई बार कर चुके हैं शिकायत
बिशनपुरा
निवासी संदीप और कुलबीर आदि ने कहा कि वे कई बार गांव में आकर गैस चोरी
करने की शिकायत पुलिस को कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। इस
तरह गैस चोरी से पूरे ट्रक में आग लग सकती है।
दूर जाने वाले ट्रकों में हो रहा खेल
सूत्रों
के अनुसार एचपी बोटलिंग प्लांट से राजस्थान, हरियाणा और हिमाचल में गैस
आपूर्ति की जाती है। ऐसे में दूर के सिलेंडर माफिया का आसान लक्ष्य होते
हैं। कई स्थानों तक पहुंचने में गाड़ी को आठ-दस घंटे लग जाते हैं। इन्हीं
गाड़ियों से गैस चोरी की जाती है। गांव बिशनपुरा के ग्रामीणों के अनुसार,
यह खेल लंबे समय से चल रहा है। इसकी शिकायत सदर पुलिस थाने को की जा चुकी
है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
प्लांट ने भी झाड़ा पल्ला
बोटलिंग
प्लांट के मैनेजर ने कहा कि गाड़ी प्लांट से बाहर निकलने के बाद उनकी
जिम्मेदारी नहीं है। जबकि ट्रांसपोर्ट का ठेका सीधा प्लांट द्वारा ही किया
जाता है। ऐसे में संबंधित एजेंसी तक सुरक्षित गैस पहुंचाने की जिम्मेदारी
प्लांट की बनती है।
हमने गैस चोरी नहीं की : ट्रक मालिक
ट्रांसपोर्टर
राजेश लाठर के अनुसार उसने अपनी गाड़ी बिशनपुरा गांव के पास खड़ी की थी,
लेकिन उन्होंने कोई गैस चोरी नहीं की है। कुछ लोग साजिश के तहत उनके खिलाफ
काम कर रहे हैं। राजेश के अनुसार ट्रांसपोर्टरों के दो गुट हैं, जिसका
शिकार उसे बनाया जा रहा है।
प्लांट को लिखा पत्र
मामले को
लेकर बिशनपुरा गांव के लोग भी मुझसे मिलने आए थे। यह सुरक्षा की दृष्टि से
भी बड़ा मामला है। गाड़ी प्लांट की थी और कोई भी कार्रवाई प्लांट या पुलिस
द्वारा ही की जानी है। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि जिले में उपभोक्ताओं को
कम गैस वाले सिलेंडर नहीं मिले। कार्रवाई के लिए प्लांट के अधिकारियों को
पत्र लिखा गया है।
- अशोक कुमार, डीएफएससी, जींद
संबंधित एजेंसी के सिलेंडरों की जांच की जाएगी। यदि यहां कोई खामी पाई जाती है तो उसके आधार पर कार्रवाई होगी।
- एके जैन, मैनेजर, एचपी बोटलिंग प्लांट
पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला। ऐसे में कोई कार्रवाई नहीं बनती।
- रोहताश, प्रभारी, सदर थाना प्रभारी