बारहवीं के पेपरों की मार्किंग न करने वाले लेक्चरर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के शिक्षा विभाग के आदेश बेअसर नजर आ रहे हैं।
सोमवार
को ड्यूटी से रिलीव होने के बावजूद हजारों प्राध्यापकों ने मूल्यांकन
कार्य में भाग नहीं लिया। उन्होंने विभिन्न जिलों में मार्किंग सेंटर के
बाहर एकत्रित होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। वहीं, हरियाणा
स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के प्रदेशाध्यक्ष दयानंद दलाल ने कहा कि जब
तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती वे पेपर चेक नहीं करेंगे।
मंगलवार
और बुधवार को सभी स्कूल लेक्चरर सामूहिक अवकाश लेंगे। इससे दो दिन तक
हरियाणा बोर्ड से संबंधित सरकारी स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा की
पढ़ाई ठप रहने की आशंका है। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग सात नवंबर से
मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे लेक्चरर के खिलाफ क्या कदम उठाता है।
मांगें न माने जाने तक जारी रहेगा आंदोलन
हरियाणा
स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन के राज्य प्रधान दयानंद दलाल और भिवानी जिला के
अध्यक्ष रमेश मल्हान ने बताया कि उनकी एसोसिएशन पहले ही फैसला ले चुकी है
कि जब उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब तक चाहे उनको किसी भी हद तक
जाना पड़े वे मूल्यांकन नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि मंगलवार और बुधवार
को प्रदेश भर के साढे़ बाहर हजार शिक्षक सामूहिक अवकाश लेंगे और मूल्यांकन
नहीं करेंगे। वीरवार और शुक्रवार को स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे
और दोपहर को जिला मुख्यालयों पर प्रदेश भर में प्रदर्शन किया जाएगा।
शनिवार को तीन से पांच बजे तक मूल्यांकन केंद्रों पर प्रदर्शन और धरना दिया
जाएगा।
ये हैं स्कूल लेक्चरर की प्रमुख मांगें
5400 का
ग्रेड पे, नेट और पीएचडी क्लीयर को कॉलेज कैडर में जगह देने और प्राचार्य
के पद पर प्रमोशन उनकी मुख्य मांगें हैं। प्रदेशाध्यक्ष दयानंद दलाल ने कहा
कि 20 अप्रैल 2011 से वे मांगों के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन
सरकार इन्हें पूरा नहीं कर रही।
आला अधिकारियों को लिखेंगी : डीईओ
जिला
शिक्षा अधिकारी निर्मल श्योराण ने बताया कि शिक्षकों को उत्तरपुस्तिकाओं
के मूल्यांकन के लिए रिलीव कर दिया गया था। मूल्यांकन के बारे में पूरी
रिपोर्ट मिलने के बाद आला अधिकारियों को लिखा जाएगा। अगला कदम आला
अधिकारियों को ही उठाना है।
विकल्प तलाश रहा है शिक्षा बोर्ड : चेयरमैन
हरियाणा
विद्यालय शिक्षा बोर्ड 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करवाने के
लिए विकल्प तलाश रहा है। स्कूल लेक्चरर की मांगें सरकार से संबंधित हैं।
मार्किंग को लेकर जो स्थिति बनी है उसके बारे में सरकार को अवगत करा दिया
गया है।
10वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का शुरू हुआ मूल्यांकन
सोमवार
से 10वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हुआ। हसला प्रदेशाध्यक्ष
ने बताया कि गुड़गांव क्षेत्र में 10वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की मार्किंग
का बहिष्कार किया गया है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में उनकी शिक्षकों से
बातचीत चल रही है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबंधित सर्व कर्मचारी संघ
के राज्य प्रधान मा. वजीर सिंह ने बताया कि 10वीं की मार्किंग शुरू हो गई
है। प्रदेश भर के लगभग सभी खंडों में मार्किंग का कार्य चल रहा है।
झज्जर में सेंटर के बाहर प्रदर्शन
झज्जर।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बनाए सेंटर पर हसला के जिला प्रधान
कप्तान सिंह ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करते हुए अपने साथियों के साथ
जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर मुख्य संरक्षक महेंद्र यादव, प्रमोद शर्मा,
संजीव खत्री, महाबीर पूनिया, प्रेमजीत सांगवान, हंसराज वर्मा, सुरेंद्र सिह
कादयान, जितेंद्र गुलिया, आजाद हुड्डा और राजबीर चाहर आदि मौजूद रहे।
स्कूल लेक्चरर को पीजीटी नाम का विरोध
सिरसा।
हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र थोरी ने कहा
कि सरकार जब तक उनकी मांगाें को पूरा नहीं करती तब तक 12वीं की उत्तर
पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रहेगा। अध्यापक नेता दयानंद
शर्मा ने कहा कि सरकार स्कूल लेक्चरर पदनाम को परिवर्तित कर पीजीटी अध्यापक
कर रही है, जिसका वे विरोध कर रहे हैं। इस अवसर पर सतीश मित्तल, भूप सिंह
सिहाग, किशोरी लाल, मोना पुरी, अतुल जोशी और रणजीत आदि उपस्थित थे।