नए शिक्षा सत्र में शहर के निजी स्कूल अपने यहां के ट्रांसपोर्ट शुल्क में तकरीबन 20 प्रतिशत इजाफा करने जा रहे थे। फिलहाल अब उन्होंने इस निर्णय को टाल दिया है।
स्कूलों का कहना है कि जब प्रदेश सरकार ने स्कूली बसों को यात्री कर से मुक्त कर अच्छा निर्णय लिया है। इसका फायदा सिर्फ स्कूलों को ही नहीं उन अभिभावकों को भी होगा जिनके बच्चे स्कूलों में पढ़ते हैं।
शहर के तकरीबन सभी निजी स्कूलों में इस आने वाले सत्र से टांसपोर्ट शुल्क में 200 से लेकर 500 रुपये प्रति माह के हिसाब से बढ़ोत्तरी करने की योजना थी।
मगर सरकार के यात्री कर से बसों को मुक्त करने से स्कूलों ने संभावित वृद्धि को टाल दिया है। अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है। अभिभावक शैलेन्द्र कुमार, अर्पित कौशिक और वनश्री ने कहा कि सरकार को यह निर्णय और पहले ले लेना चाहिए था।
रेयान इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर-40 की मुख्य अध्यापिका पिया शर्मा का कहना है कि सरकार ने स्कूलों को राहत दी है तो लाभ अभिभावकों को भी होगा। फिलहाल बसों के किराए में वृद्धि की योजना स्थगित कर दी है।
अगर होगा भी डीजल के रेट के हिसाब से वह भी ज्यादा नहीं होगा। सीडी इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन यशपाल यादव ने कहा कि बसों के शुल्क को बढ़ाने का निर्णय कुछ दिन पहले स्कूल में एक बैठक के दौरान लिया गया था। अब उसे रोक दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है। इससे गुड़गांव के हजारों अभिभावकों को राहत मिलेगी। गुड़गांव के दो हजार से अधिक बसें स्कूलों में चलती हैं।