हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में लड़कियों को कथित यौन उत्पीड़न से बचाने के लिए स्कूल ना भेजने का पंचायती फरमान तूल पकड़ता जा रहा है।
फैसले के बारे में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य सरकार से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है।
आयोग ने मीडिया की एक रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के नाम 14 मई को पत्र लिखकर इस मामले में एक महीने के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
पिछले दिनों मीडिया में खबर आई थी कि महेंद्रगढ़ जिले के छह गांवों की पंचायतों ने इस आधार पर अपनी बच्चियों को स्कूल नहीं भेजने का फैसला किया है कि उन्हें डर है कि स्कूल जाने पर वे यौन उत्पीड़न का शिकार हो सकती हैं।
आयोग के सदस्य विनोद कुमार टिक्कू ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए राज्य सरकार से कहा है, ‘इस मामले की विस्तृत जांच की जाए और लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाए। इस पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर आयोग को दी जाए।’