चार दिन से चल रही खींचतान के बाद बुधवार दोपहर को आखिरकार करौंथा स्थित सतलोक आश्रम को प्रशासन ने पूरी तरह खाली करा लिया। अब ग्रामीण आश्रम गिराने की जिद पर अड़े हैं।
ग्रामीणों ने रोहतक-झज्जर नेशनल-हाईवे-71 और बालंद में रोहतक-बेरी मार्ग पर जाम लगा दिया है। बुधवार सुबह भी गांव करौंथा में तनाव का माहौल बना रहा।
जिला प्रशासन ने आश्रम की सुरक्षा का जिम्मा सीआरपीएफ को सौंप दिया।
सीआरपीएफ ने आश्रम को चारो ओर से घेर लिया है। आश्रम में सर्च अभियान चलाने के लिए अदालत में दायर याचिका की सुनवाई अब 17 मई को होगी।
जिला प्रशासन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आश्रम पर कब्जा बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट का ही है। वहीं अब ग्रामीण इस जिद पर अड़ गए कि आश्रम को गिराया जाए।
इसके बाद ही वे पुलिस फायरिंग में मारी गई प्रमिला के शव का संस्कार करेंगे। वे शव को लेकर नेशनल हाईवे पर बैठ गए।
हालांकि शाम करीब पांच बजे आर्यसमाजियों और ग्रामीणों के बीच हुई बैठक में प्रमिला के शव के अंतिम संस्कार पर सहमति बन गई।
इसके बाद उन्होंने सड़क से शव को हटा लिया और उनका अंतिम संस्कार कर दिया। दूसरी ओर ग्रामीणों और आर्यसमाजियों के बीच तनातनी के चलते पीजीआई में उदयवीर के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
करौंथा स्थित सतलोक आश्रम में करीब पांच हजार से अधिक अनुयायी थे। आश्रम से 56 रोडवेज की बस, 118 कार और 122 दोपहिया वाहन पर अनुयायी बरवाला आश्रम के लिए रवाना किया गया।
बुधवार दोपहर तक उपायुक्तऔर पुलिस अधीक्षक मौके पर मौजूद रहे। उधर, करौंथा स्थित सतलोक आश्रम भले ही खाली हो गया हो, परंतु ग्रामीणों को पूर्ण विश्वास नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि वह आश्रम के सामने टैंट लगाकर निगरानी करेंगे।
संघर्ष करने का लिया प्रण
रोहतक। करौंथा स्थित सतलोक आश्रम भले ही खाली हो गया हो, परंतु ग्रामीणों ने सड़क पर ही पंचायत कर लोटे में नमक डालकर यह प्रण लिया कि जब तक आश्रम खाली नहीं होता जब तक वे अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और इसी तरह अपना संघर्ष जारी रहेंगे।