बृहस्पतिवार को लोकल शटल बनकर चल रही 2925 डाउन पश्चिम एक्सप्रेस में आरक्षित बोगियों के यात्रियों का लोकल यात्रियों के साथ विवाद होने से ट्रेन को चेन खींचकर रोका गया। इसकी वजह से दर्जनों ट्रेनें 30 से 50 मिनट की देरी से चलीं। रेलवे और थाना पुलिस के हस्तक्षेप के बाद ही गाड़ी रवाना हुई।
पश्चिम एक्सप्रेस जब लोकल शटल बनकर शोलाका रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो आरक्षित डिब्बों मेें बैठे यात्रियों ने लोकल यात्रियों को चढ़ने नहीं दिया। इसके विरोध में लोकल यात्रियों ने पहले शोलाका स्टेशन पर 41 मिनट और इसके बाद रूंधी रेलवे स्टेशन पर चेन खींचकर ट्रेन को 20 मिनट के लिए खड़ा रखा। यात्रियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। सूचना पाते ही आरपीएफ के एएसआई आरके मीणा, जीआरपी से राजेंद्र डागर और सदर थाना से डीएसपी अनिल यादव मौके पर पहुंचे और समझाबुझाकर सभी यात्रियों को ट्रेन में बिठाकर रवाना किया।
कोहरा होने के कारण कोसीकलां से गाजियाबाद जाने वाली शटल (ईएमयू) और आगरा से दिल्ली जाने वाली इंटरसिटी को 28 दिसंबर से 15 फरवरी तक के लिए बंद किया गया है। इसके चलते पश्चिम एक्सप्रेस को कोसी से दिल्ली तक शटल बनाया गया है।
आरक्षित बोगियों में बैठे यात्री गाड़ी के लोकल बनने के बावजूद लोकल यात्रियों को नहीं चढ़ने दे रहे थे। इसके कारण लोकल यात्रियों ने मांग की थी कि बंद किए हुए शटल और इंटरसिटी को जल्द शुरू किया जाए। लगभग एक घंटे तक ट्रेन के खड़े रहने से अगस्त क्रांति एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, नांदेड़ एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस और हीरा कुंड एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें भी देरी से चलीं।