हरियाणा के जींद में 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल के वाहन अब नहीं चल सकेंगे। ऐसे वाहन अब वह सड़क पर नहीं, पुलिस के कब्जे में होंगे। इसके लिए जिला पुलिस ने कड़ा फैसला लिया है। पुलिस का यह अभियान लगभग 15 दिन बाद शुरू होगा और सड़क पर मिलने वाले पुराने वाहन को सीधा जब्त किया जाएगा।
फिलहाल जिले में कुल 52139 वाहन हैं। इनमें से 263 वाहनों की वैधता समाप्त हो चुकी है। वहीं पिछले एक साल में करीब तीन हजार व्यवसायिक वाहन जिले से हस्तांतरित हो चुके हैं। एएसपी नीतिश अग्रवाल ने शुक्रवार को बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) जींद जिले के एनसीआर में शामिल होने के कारण व जिले में बढ़ रहे पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए पुलिस ने अब पुराने वाहनों पर शिकंजा कसने का निर्णय लिया है।
इसके चलते उन्होंने जिले की सड़कों पर चलने वाले पुराने वाहनों के दस्तावेजों की जांच का काम शुरू कर इन वाहनों को सड़कों पर आने से रोकने की योजना बनाई है। एएसपी ने बताया कि जिले में जितने भी पुराने वाहन हैं उनको या तो एनसीआर से बाहर बेच दें या फिर उनको कबाड़ी में दें या फिर घर में ही रखें।
अगर इनमें से कोई भी वाहन सड़क पर चलता पाया गया तो वह पुलिस की जब्त में होगा। उन्होंने कहा कि एनजीटी 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहनों को एनसीआर से बाहर उन राज्यों और जिलों में भेजने के भी पूर्व में आदेश दे चुका है। जहां गाड़ियों की संख्या का घनत्व बेहद कम और प्रदूषण भी कम है।
पिछले एक वर्ष में तीन हजार पुराने वाहनों की आरसी हो चुकी है स्थानांतरित
डीटीओ प्रतीक हुड्डा ने बताया कि 10 वर्ष पुराने डीजल व 15 वर्ष पुराने पेट्रोल के वाहनों पर रोक लगने के अंदेशे के चलते जिले से पिछले एक वर्ष में तीन हजार से वाहन जो इस शर्त के दायरे में आते हैं। उनको वाहन मालिकों ने दूसरे जिलों में बेचा है या फिर नाम बदली करवाया है।
लोगों पर पड़ेगा असर
जिले में दिल्ली व गुरुग्राम से लाए हुए काफी ऐसे वाहन हैं, जो वहां एनसीआर के मानकों पर खरे नहीं उतर रहे। यह वाहन जिले में चल रहे हैं। ऐसे में अब यहां भी पुलिस की सख्ती होने पर इन लोगों पर असर पड़ेगा।