दिल्ली के जंतर-मंतर पर जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में ओलंपियन बजरंग पूनिया, रवि दहिया, दीपक पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, अंशु मलिक और सोनम मलिक समेत अन्य पहलवानों ने धरना दिया था। विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण के खिलाफ दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों के समर्थन में किसान भी आ गए हैं। सोनीपत से किसानों का जत्था दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन (चढूनी गुट) के सदस्यों ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय सहन नहीं किया जाएगा।
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खिलाड़ी कर रहे ठोस कार्रवाई की मांग
किसान नेता वीरेंद्र पहल व राजेश ने कहा कि देश का नाम अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकाने वाले हमारे पहलवानों को अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। पहलवानों की तरफ से भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। उनके खिलाफ कमेटी का गठन कर महज औरचारिकता की गई। कमेटी की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हो सकी है।
पहलवानों का धरना जारी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जनवरी माह के अंतिम सप्ताह में ओलंपियन बजरंग पूनिया, रवि दहिया, दीपक पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, अंशु मलिक और सोनम मलिक समेत अन्य पहलवानों ने धरना दिया था। विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। जिस पर केंद्र सरकार ने मामले की जांच के लिए मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी बना दी थी। जिसकी जांच रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है।
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कार्रवाई नहीं होगी वह वापस नहीं आएंगे- भाकियू
उस रिपोर्ट के बारे में धरनारत पहलवानों तक को नहीं बताया गया है। ऐसे में देश का नाम रोशन करने वाले पहलवानों को फिर से धरना देने पर मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में जिन किसानों ने कुंडली बॉर्डर पर अपनी जमीन को बचाने के लिए लंबा संघर्ष कर जीत दर्ज की थी वह अब पहलवानों के साथ भी एकजुट होकर खड़े हैं। उनके साथ कोई नाइंसाफी नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर कार्रवाई नहीं होगी वह वापस नहीं आएंगे।