किसी खेल में हार-जीत का फैसला दो साल बाद भी बदल सकता है, ऐसा कोई खिलाड़ी सोच भी नहीं सकता है। लेकिन झज्जर के रहने वाले पहलवान रजनीश के साथ ऐसा ही हुआ है। झज्जर के आसौदा गांव के रहने वाले रजनीश को 2019 में तुर्की में हुई रैंकिंग सीरीज में हार मिली थी।
इसके बाद रजनीश ने कुश्ती को छोड़ दिया था। अब दो साल बाद रजनीश को उसी प्रतियोगिता में कांस्य पदक मिला है। दरअसल जिस पहलवान ने उस रैंकिंग सीरीज में कांस्य पदक जीता था, वह डोपिंग में फंस गया। इसके बाद यूनाइटेड वलर्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) की नई सूची जारी करने के बाद भारतीय कुश्ती संघ ने रजनीश को कांस्य पदक विजेता घोषित किया।
तुर्की में वर्ष 2019 में कुश्ती रैंकिंग सीरीज खेली गई थी, जिसमें 70 किग्रा में भारत की ओर से झज्जर के आसौदा गांव के रहने वाले रजनीश ने प्रतिनिधित्व किया था। उस रैंकिंग सीरीज में कांस्य पदक के लिए रजनीश की तुर्की के पहलवान से कुश्ती हुई थी। उस समय प्रतिद्वंद्वी पहलवान के जीतने पर कांस्य पदक दिया गया था।
इसके बाद रजनीश ने कुश्ती को छोड़ दिया था और वह किसी भी बड़ी चैंपियनशिप में नहीं खेला था, लेकिन रैंकिंग सीरीज के बाद हुए डोपिंग टेस्ट की अब रिपोर्ट आई तो प्रतिद्वंद्वी पहलवान की डोप रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। भारतीय कुश्ती संघ के संयुक्त सचिव विनोद तोमर ने बताया कि उस पहलवान के डोपिंग में फंसने से रजनीश को विजेता माना गया है और इस तरह से रजनीश कांस्य पदक विजेता बन गए हैं।