सोनीपत में कोर्ट ने एक शिक्षक के आत्महत्या के मामले में सजा का एलान किया है। दोषी ठहराई गई शिक्षक की पत्नी को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। दोषी पत्नी ने शिक्षक को दहेज के केस में फंसाने की धमकी दी थी, जिसके बाद फैसला आया है। दो लोगों को मामले में बरी किया गया है।
सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पाराशर की अदालत ने जेबीटी शिक्षक को आत्महत्या के लिए विवश करने के मामले में आरोपी पत्नी को दोषी करार दिया है। दोषी को पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। गांव मनौली निवासी पंकज ने 17 मई, 2016 की रात को अपने घर में फंदा लगा लिया था। पंकज गांव के प्राथमिक स्कूल में अध्यापक था। बाद में उनके परिजन स्कूल में उनके कागजात लेने गए, तो स्कूल इंचार्ज ने पुलिस के सामने कागजात देने को कहा था। पुलिस की मौजूदगी में कागजात लिए गए थे।
कागजात के अंदर मिला था सुसाइड नोट
कागजात के अंदर एक सुसाइड नोट भी था। जिसमें लिखा था कि उसकी पत्नी रेनू, ससुर और साला उसे आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहे हैं। वह उसे उनके गांव में आकर दहेज का केस करने की धमकी देते हैं। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर पंकज के पिता रामधन के बयान पर तीनों के खिलाफ 20 मई, 2016 को आत्महत्या को विवश करने का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
मामले में पंकज की पत्नी रेनू को दोषी करार दिया गया है। वहीं, उसके पिता व भाई को बरी कर दिया गया। दोषी रेनू को पांच साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।