हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को एक साथ जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-334बी को वाहन चालकों के लिए खोल दिया गया है। अब सोनीपत से झज्जर, लोहारू के अलावा उत्तर प्रदेश की तरफ आवागमन करने वाले वाहन चालक कम समय में सुहाने सफर का आनंद उठा सकेंगे। एनएच-334बी के निर्माण से इन तीन राज्यों में आवागमन करने वाले वाहन चालकों को थका देने वाले लंबे सफर से निजात मिलेगी। उत्तर प्रदेश व एनएच-44 से राजस्थान की ओर जाने वाले वाहन चालकों को नया हाईवे मिला है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से तीन साल में सोनीपत के गांव रोहणा से उत्तर प्रदेश की सीमा तक 1020 करोड़ रुपये की लागत से चार मार्गीय हाईवे का निर्माण किया गया है। इसका निर्माण जनवरी 2019 में शुरू किया गया था।
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एनएचएआई ने वाहन चालकों के लिए हाईवे खोल दिया है। गांव रोहणा से आगे झज्जर होते हुए राजस्थान बॉर्डर तक पहले ही चार मार्गीय सड़क का निर्माण हो चुका है। वहीं उत्तर प्रदेश के बागपत से मेरठ तक निर्माण कार्य जारी है।
पश्चिमी यमुना लिंक नहर पर बनाया गया पुल। संवाद
पलड़ी से रोहट तक एनएच के लिए बनाया गया बाईपास
राष्ट्रीय राजमार्ग बनने से यूपी के मेरठ व बागपत से होकर सोनीपत, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी होते हुए भिवानी के लोहारू में राजस्थान बॉर्डर तक वाहन आसानी से आवागमन करने लगे हैं। एनएच 334बी के लिए गांव पलड़ी से रोहट गांव तक बाईपास का निर्माण किया गया है। यह बाईपास बहालगढ़ जीटी रोड के ऊपर से होते हुए रोहट गांव के पास रोहतक रोड पर मिलाया गया है। एनएच-334बी का निर्माण होने से सोनीपत, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी व भिवानी के लोगों को फायदा होगा।
50 हजार से अधिक वाहन चालकों को मिला फायदा
बाईपास बनने से शहर में रोहतक व मेरठ से आवागमन करने वाले भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। नए राष्ट्रीय राजमार्ग के शुरू होने के बाद जिला प्रशासन की ओर से सुबह 8 से रात 8 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। भारी वाहनों का प्रवेश बंद होने से शहर को वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी। बाईपास का निर्माण होने से रोजाना 50 हजार से अधिक वाहन चालकों को फायदा मिला है।
रोहट गांव के पास से जल्द हटेगा हाईटेंशन टावर
एनएच-334बी को बेशक वाहनों के लिए खोल दिया है, लेकिन अभी भी रोहट गांव के पास हाईवे पर हाईटेंशन लाइन का टावर लगा है। जिसे हटाने के लिए प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। हालांकि हाईवे को खोल दिया गया, लेकिन टावर हटने के बाद वाहन चालक यहां से फर्राटा भरकर निकल सकेंगे।
लोगों की सुविधा के लिए 1020 करोड़ की लागत से बनाए गए नए हाईवे से वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया गया। हाईवे पर रोहट गांव के पास सड़क के बीच हाईटेंशन लाइन का टावर खड़ा है। जिसको हटवाने के लिए बिजली निगम के अधिकारियों से बात हो चुकी है। टावर हटने के बाद वाहन चालक बिना किसी बाधा के फर्राटा भर सकेंगे। - आनंद दहिया, डीजीएम, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण