प्रदेश के सहकारिता एवं अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि किसानों के सहयोग से प्रदेश के सभी चीनी मिलों को समय से पहले शुरू किया गया है, ताकि अधिक चीनी व अन्य चीजों का उत्पादन किया जा सके और प्रदेश के चीनी मिलों को घाटे से उभारा जा सके। चीनी मिलों की आयबढ़ाने व किसानों को और अधिक सुविधाएं देने के लिए अब प्रदेश की चीनी मिलों में चीनी के अलावा एथेनॉल, गुड़ और रिफाइंड शुगर को भी तैयार किया जाने लगा है। सरकार का भी हर समय यही प्रयास रहता है कि किसानों की आय को बढ़ाया जा सके। वह वीरवार को गांव आहुलाना स्थित चौ. देवीलाल सहकारी चीनी मिल का शुभारंभ करने के उपरांत किसानों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होेंने कहा कि देश में दूसरा चीनी मिल रोहतक का है, जहां रिफाइंड शुगर तैयार की जाती है। इसके अलावा चीनी मिलों में एथेनॉल भी निर्मित किया जा रहा है, क्योंकि एथेनॉल को पैट्रोल में मिलाया जाता है। इससे मार्केट में इसकी बहुत ज्यादा डिमांड रहती है। वर्तमान में ही केंद्र सरकार द्वारा एथेनॉल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में सरकार प्रदेश के सभी चीनी मिलों को हाईटेक बनाने के लिए भी प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में गन्ने का सबसे ज्यादा रेट हरियाणा के किसानों को दिया जा रहा है, ताकि गन्ना उत्पादक किसानों को खासा मुनाफा मिल सके। उन्होंने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाने का भी आग्रह किया। इस दौरान राई से विधायक एवं भाजपा प्रदेश महामंत्री मोहन लाल बड़ौली, शुगर फेड हरियाणा के प्रबंध निदेशक जितेंद्र दहिया, मिल के एमडी व गोहाना के एसडीएम आशीष वशिष्ठ, भाजपा के जिलाध्यक्ष तीर्थ राणा, पूर्व विधायक रामफल चिड़ाना, डॉ. राममेहर राठी, चीनी मील के वाईस चेयरमैन अशोक मलिक आदि मौजूद रहे।
पेराई-सत्र के शुभारंभ समारोह में सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने गत सीजन 2020-21 के अंतर्गत मिल में सबसे अधिक गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों को सम्मानित किया। उन्होंने गांव छतेहरा के किसान आंनद को प्रथम व आहुलाना के विनोद को द्वितीय पुरस्कार दिया। इनके अलावा आहुलाना के रणधीर, जसिया के ओम सिंह और रिठाल फौगाट के देवेंद्र को चीनी मिल में साफ-सुथरा गन्ना लाने के लिए सम्मानित किया। इसके बाद नए पेराई-सत्र 2021-2022 के तहत सहकारी चीनी मिल के गन्ना यार्ड में बुग्गी लाने पर सबसे पहले गांव आहुलाना गांव विजयंत, ट्रैक्टर-ट्रॉली में गुढ़ा के रवि कर्ण और बैलगाड़ी पर गन्ना लाने के लिए गांव मदीना के सतबीर गन्ना को सम्मानित किया।
चीनी मिल के पेराई-सत्र शुभारंभ समारोह में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किसान ने किसान आंदोलन का हवाला देते हुए मंत्री के हाथों से सम्मान लेने से इनकार कर दिया। दरअसल, गांव सिरसाढ़ के किसान सुरेंद्र लठवाल को मिल प्रशासन ने गत सीजन में सर्वाधिक गन्ना लाने पर तृतीय पुरस्कार के लिए बुलाया था। वीरवार को पेराई सत्र के शुभारंभ समारोह में जब उनका नाम पुकारा गया तो मंच पर पहुंचकर उसने मंत्री डॉ. बनवारी लाल के हाथ से पुरस्कार ग्रहण करने से साफ मना कर दिया। उसने कहा कि चीनी मिल या फेडरेशन का कोई अफसर दे तो ले लेंगे। उसने सवाल किया कि उसके किसान साथी सालभर से धरने पर बैठे हैं। मंत्री से सम्मान स्वीकार कर वह उन्हें क्या जवाब देगा। सुरेंद्र लठवाल का कहना है कि जब उन्होंने मंत्री से सम्मान स्वीकार करने से इनकार कर दिया तो मंत्री के कुछ कमांडो उसकी तरफ तेजी से बढ़े। इस पर उन्होंने उन्हें जबरदस्ती न करने के लिए आगाह किया और शांति से खुद ही मंच से नीचे उतर आया।