सोनीपत। जवाहर नगर स्थित घर से कार लेकर निकले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) इंस्पेक्टर को 50 लाख के लेनदेन में बंधक बनाकर रखने व मारपीट के मामले में डिप्टी मेयर के साथ तीन अन्य के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने मामले में तीन अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश तेज कर दी है। वहीं मामले में पुलिस ने आरोपी नगर निगम के डिप्टी मेयर को रिमांड पूरा होने के बाद अदालत में पेश किया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
एसीपी नरसिंह ने पत्रकारों को बताया कि जवाहर नगर निवासी सतीश कुमार ने 26 फरवरी को सिटी थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि पांच भाई-बहन में सबसे बड़े उनके भाई हरीश कुमार दिल्ली के रोहिणी में ईएसआईसी में इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त हैं। उनके भाई 25 फरवरी की रात 9:20 मिनट पर अपनी कार में सवार होकर घर से बाहर गए थे। उसके बाद वह देर रात तक वापस नहीं लौटे थे। देर रात उनका मोबाइल बंद हो गया था। 26 फरवरी को दिन में 11:19 बजे उनके भाई का फोन आया था और उन्होंने कहा था कि वह ठीक हैं। जवाहर नगर के ही विकास से हरीश की बात हुई तो उसने उन्हें कहा था कि 3 बजे तक 50 लाख रुपये का इंतजाम करवाएं। उसके बाद हरीश का मोबाइल फिर से बंद हो गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में हरीश वापस लौटे तो उसने बताया था कि डिप्टी मेयर मंजीत गहलावत ने एक मकान में उन्हें बंधक बनाकर रखा और पीटा गया था। इसके साथ 50 लाख रुपये की मांग की गई। पुलिस ने डिप्टी मेयर मंजीत गहलावत को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में एससीएसटी एक्ट की धारा भी लगाई थी।
तीन अन्य के नाम आए सामने
एसीपी ने बताया कि हरीश ने उन्हें बताया कि रात को मंजीत गहलावत ने कॉल कर उन्हें बुलाया था। उनका 50 लाख के लेनदेन का मामला सामने आया है। मामले में पिटाई की धारा लगा दी है और चिकित्सक की रिपोर्ट पर अन्य धारा जोड़ी जा सकती है। मंजीत ने पुलिस को बताया है कि उसे हरीश से रुपये लेने थे। मामले में जितेंद्र, विकास व अंकित का नाम सामने आया है। इनका प्लॉट के पैसों का लेनदेन था। हरीश ने बताया है कि उसे मंजीत गहलावत ने बुलाने के बाद अपने घर के पास स्थित एक खाली घर में रखा था।
एसीपी ने बताया कि मामले में तीन अन्य आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर है। उनकी गिरफ्तारी का प्रयास जारी है। मामले पूरी गहनता से जांच कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।