आरोपियों को अदालत लेकर जाती पुलिस
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सिंघु बॉर्डर पर धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के आरोप में लखबीर सिंह की हत्या के मामले में आरोपी भगवंत सिंह व गोविंद प्रीत ने शनिवार रात साढ़े नौ बजे कुंडली थाना में आत्मसमर्पण किया था। वहीं एक अन्य आरोपी नारायण सिंह ने अमृतसर में आत्मसमर्पण किया था।
तीनों आरोपी निहंगों को रविवार दोपहर को अदालत में पेश किया गया। जहां से अदालत ने सभी को छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान सभी का रोजाना मेडिकल चेकअप भी किया जाएगा।
सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन स्थल के पास गुरुवार रात को पंजाब के तरनतारन के गांव चीमा खुर्द के लखबीर सिंह की नृशंस हत्या कर दी गई थी। हत्या की जिम्मेदारी निहंगों ने ली थी। लखबीर पर धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी करने का आरोप था। उसकी बेरहमी से हत्या करने और शव को बैरिकेड पर लटकाने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की थी।
इस मामले में शुक्रवार शाम को निहंग सरबजीत सिंह ने पुलिस टीम के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। उसे सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। निहंग भगवंत सिंह, गोविंद प्रीत और नारायण सिंह को पुलिस ने रविवार दोपहर को दो बजे न्यायालय में पेश किया। सभी को 3:50 बजे न्यायालय से बाहर लाया गया। न्यायालय ने सभी आरोपियों को छह दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने न्यायालय से 14 दिन का रिमांड मांगा था लेकिन अदालत ने छह दिन के रिमांड पर भेज दिया। इस दौरान आरोपियों के अन्य साथियों का पता लगाने के साथ ही उनसे हथियार बरामद किए जाएंगे।
दो एसआईटी गठित
मामले की जांच के लिए हरियाणा पुलिस ने दो विशेष जांच दल (एसआईटी) भी गठित किए हैं। मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी मयंक गुप्ता जबकि दूसरी का नेतृत्व सोनीपत के डीएसपी वीरेंद्र सिंह कर रहे हैं। पहली एसआईटी सोशल मीडिया पर वायरल हुए घटना के वीडियो की जांच करेगी, वहीं वीरेंद्र सिंह की टीम पूरी घटना की जांच करेगी। इस बीच, मारे गए लखबीर सिंह का भारी सुरक्षा प्रबंध के बीच पंजाब के तरनतारन स्थित पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।