हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसने टॉपर छात्र को काफी नीचे धकेल दिया। 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी करने पर लड़सौली के रहने वाले छात्र अमन के केवल 432 नंबर आए और वह 86.4 प्रतिशत अंक के साथ काफी पीछे रह गया। जबकि छात्र 10वीं का जिला टॉपर रहा है और उसे इस बार भी टॉपर बनने की उम्मीद थी।
जब उसने अपना परीक्षा परिणाम देखा तो वह डिप्रेशन में चला गया और उसके शिक्षक माता-पिता ने कॉपी दोबारा जांचने के लिए आवेदन कराया। जिसका मंगलवार को परिणाम आया है तो छात्र के 56 नंबर बढ़कर 97.6 प्रतिशत अंक हो गए। उसके 54 नंबर दोबारा कॉपी जांचने पर बढ़ाए गए तो 2 नंबर अन्य विषयों में प्रतिशत के आधार पर बढ़े। अमन व उसके परिवार वाले जहां नंबर बढ़ने से खुश है, वहीं इस तरह की बड़ी गलती पर रोष भी व्याप्त है।
लड़सौली गांव के रहने वाले दिलबाग सिंह व उनकी पत्नी पुष्पाल प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते हैं। उनका बेटा अमन श्रीराम कृष्ण सीनियर सेकेंडरी स्कूल भिगान में 12वीं कक्षा में पढ़ता था। जहां अमन ने 10वीं में जिला टॉप किया था, वहीं इस बार भी 12वीं में उसकी परीक्षा काफी अच्छी गई थी और उसे उम्मीद थी कि वह इस बार भी टॉपर बन सकता है। लेकिन जब 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी हुआ तो उसे देखकर अमन व उसके परिवार के लोग चौंक गए।
क्योंकि अमन के केवल 432 नंबर थे और वह 98.4 प्रतिशत अंक होने से अपने ही स्कूल में काफी पीछे रह गया था। इस तरह कम नंबर आने पर अमन डिप्रेशन में रहने लगा तो उसके माता-पिता ने कॉपी की दोबारा जांच कराने के लिए आवेदन करा दिया। जिसका परिणाम मंगलवार को आया है और उसमें अमन के 56 नंबर बढ़ गए हैं, जिससे वह 97.6 प्रतिशत अंक लेकर अपने स्कूल में टॉपर बन गया है। अमन को लगता है कि अब उसकी कॉपी की जांच ठीक हुई है, जबकि पहले उसे गलत नंबर दिए गए थे।
अंग्रेजी में 54 से 96 नंबर हुए तो हिंदी में 81 से 93 हो गए
अमन को जहां पहले अंग्रेजी में केवल 54 नंबर दिए गए थे, वहीं अब कॉपी दोबारा चेक कराने पर उसे 96 नंबर मिले हैं। इस तरह अंग्रेजी में उसके 42 नंबर बढ़े हैं। इस तरह ही हिंदी में पहले उसे 81 नंबर दिए गए थे तो अब उसे 93 नंबर मिले हैं और उसके हिंदी में 12 नंबर बढ़े हैं। उसके कॉपी दोबारा चेक करने पर 54 नंबर बढ़े हैं तो अन्य विषय में औसत के आधार पर उसके दो नंबर बढ़े हैं। अमन की मां पुष्पा कहती हैं कि बोर्ड की कमी के कारण उनका बेटा काफी परेशान रहा तो कॉपी दोबारा चेक कराने में उनको फीस भी खर्च करनी पड़ी।