पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने कहा कि पैसे के लालच में आकर अनैतिक और अवैध गतिविधियां करने वालों पर बिल्कुल नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। यह टिप्पणी न्यायालय ने दो लोगों की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए की।
जालंधर में गत वर्ष देह व्यापार में शामिल दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। दोनों पर एक लड़की को देह व्यापार में शामिल करने का आरोप है। इस लड़की को हनी ट्रैप की तरह इस्तेमाल कर कई लोगों को इस जाल में फंसा उनको ब्लैकमेल कर लाखों रुपये की वसूली की गई थी।
शिकायतकर्ता लड़की ने बताया था कि दो लोगों ने पहले काम दिलवाने का लालच दिया और फिर उसका अश्लील वीडियो बनाकर देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया गया। उसका हनी ट्रैप की तरह इस्तेमाल कर कई लोगों को ब्लैकमेल किया गया। दोनों आरोपियों का कहना था कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
शिकायतकर्ता के खिलाफ भी ऐसे ही केस दर्ज हैं। जस्टिस फतेहदीप सिंह ने कहा कि पंजाब तेजी से विकसित हो रहा है, साथ ही ऐसे लोगों की तादाद भी बढ़ती जा रही है जो ज्यादा पैसे के लालच में अनैतिक और अवैध गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।
इस मामले में शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों ही पक्ष पर देह व्यापार में शामिल होने के आरोप हैं । यह पैसों के आपसी बंटवारे का मामला लगता है। न्यायालय ने कहा कि अब ऐसा अक्सर देखने को मिल रहा है। ऐसे लोगों पर लगाम लगानी बेहद जरूरी है। ऐसे लोगों पर नरमी नहीं बरती जा सकती।
उच्च न्यायालय ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि दोनों का फ़िलहाल जेल में ही रहना ठीक है। इससे समाज को राहत मिलेगी।