सुमित कुमार के पिता प्रताप सिंह
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सोनीपत। ओलंपिक में 41 साल बाद हॉकी में देश को कांस्य पदक दिलाने वाली टीम के खिलाड़ी सुमित के पिता प्रताप सिंह ने बेटे को ऊंचाई पर ले जाने के लिए ढाबों पर मजदूरी की है। देश को पदक मिलने के बाद प्रताप सिंह गदगद नजर आए। उन्होंने सदैव बेटे को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित तो किया, लेकिन वह यह तक नहीं जानते थे कि उनका बेटा किस खेल का खिलाड़ी है। ओलंपिक में कांस्य पदक के लिए उसका मैच देखा तो पता लगा कि उसका बेटा हॉकी खेलता है।
प्रताप सिंह ने बताया कि वह अपने बेटे जयसिंह व अमित को साथ लेकर मुरथल के ढाबों पर मजदूरी करने के लिए जाता था। सुमित भी एक-दो बार उनके साथ गया, लेकिन ढाबा मालिक ने उम्र कम होने के कारण सुमित को कभी काम करने नहीं दिया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण सुमित को खिलाड़ी बनाने के लिए उसने अपने दो बेटों के साथ मजदूरी की। वह सुबह ही ढाबे पर काम करने के लिए चले जाते थे। दिनभर काम करते थे। कई बार थक जाते तो सुमित भी हाथ बंटाने को कहता था, लेकिन उन्होंने सदैव उसे खेल में अच्छा करने को प्रेरित किया। उन्होंने कभी बेटे से यह तक नहीं पूछा कि वह किस खेल में भाग लेता है। आज बड़े बेटों के साथ बैठकर मैच देखा तो पता चला कि बेटा हॉकी खेलता है।