धूल के गुबार से अटा शहर। संवाद
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सोनीपत। भीषण गर्मी जहां लोगों को झुलसा रही हैं, वहीं प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने भी हाल बेहाल कर दिया है। जिले में प्रदूषण का स्तर (एक्यूआई) 245 और अधिकतम 423 तक पहुंच गया। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्थमा के मरीजों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी की जल्द दस्तक, बारिश न होना, बीच-बीच में धूल भरी आंधी चलना प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी से गर्मी से राहत के आसार नजर नहीं आ रहे।
शनिवार को दिन की शुरुआत ही भीषण गर्मी के साथ ही। जिले का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन भर छह किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चली। दोपहर तक शहर की सड़कें सुनसान हो गई थी। बाजार में भी सन्नाटा पसर गया। दिन भर लोग गर्मी से निजात पाने के प्रयास करते रहे। गर्मी के साथ ही शहरवासी इन दिनों धूल और कूड़े के धुएं की गिरफ्त में हैं। शहर में कहीं निर्माण कार्य की वजह से तो कहीं सड़क पर धूल ही धूल नजर आती है। कहीं खुले में रेत व सीमेंट ले जाया जा रहा है तो कहीं सूखे कूड़े के कण उड़ रहे हैं। सुबह-शाम के समय स्थिति बेहद खराब हो जाती है।
इस बारे में मौसम विशेषज्ञ डॉ. प्रेमदीप का कहना है कि रविवार को भी भीषण गर्मी इसी प्रकार लोगों को सताएगी, उसके बाद तापमान में कुछ डिग्री तक गिरावट आ सकती है।