सोनीपत। हैकिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर ऑनलाइन परीक्षा पास कराने वाले गिरोह के मास्टर माइंड सेक्टर-23 के विकासदीप दहिया को एसटीएफ ने पानीपत कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। एसटीएफ को आरोपी ने बताया है कि उन्होंने अपना लैब बना रखा था। साथ ही वह पेपर सॉल्व करने वाले युवकों के साथ ही परीक्षार्थी भी लेकर आता था। पुलिस ने उसके साथियों की तलाश में दबिश तेज कर दी है।
एसटीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि गिरोह के मास्टर माइंड विकासदीप दहिया को एक दिन पहले दिल्ली एयरपोर्ट से काबू किया था। वह दुबई भागने की फिराक में था। आरोपी को रविवार तीसरे पहर पानीपत की कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि मुख्य आरोपियों में शामिल मोनू और अशोक उर्फ शौकी के साथ मिलकर विकासदीप ने अपनी ही कंप्यूटर लैब स्थापित की थी। वह पेपर हल कराने के लिए सॉल्वर का इंतजाम करने के साथ ही ठगी करने के लिए परीक्षार्थी भी जुटाता था। विकासदीप दहिया ने एसटीएफ को अपने गैंग के कुछ अन्य लोगों के बारे में जानकारी दी है। उनकी गिरफ्तारी को एसटीएफ ने छापा मार कार्रवाई शुरू कर दी है। उनमें से दो आरोपी बीटेक बताए जा रहे हैं। एसटीएफ गिरोह के सात सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।