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पार्षदों ने खोला मोर्चा, सोनीपत नगर निगम पार्षद एसोसिएशन का किया गठन, पांच की बनाई कमेटी

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नगर निगम कार्यालय में पार्षदों के साथ बैठक करते आयुक्त धर्मेंद्र सिंह। संवाद - फोटो : Sonipat
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शहर में विकास कार्य नहीं होने से नाराज पार्षदों ने नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सोनीपत नगर निगम पार्षद एसोसिएशन का गठन करते हुए पांच पार्षदों की कमेटी गठित की है। अब शहर में विकास कार्य व अन्य संबंधित मुद्दे उठाने के लिए कमेटी आगे आएगी। पार्षदों का आरोप है कि विकास कार्य नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। डेढ़ माह पहले हुई हाउस की बैठक में उठाए गए मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी गई कि अगर निगम अधिकारियों ने शहर में विकास कार्य नहीं कराए तो वह चंडीगढ़ जाकर सीएम से शिकायत करेंगे।
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शहर में विकास कार्य नहीं होने के कारण जनता परेशान हो रही है। निगम अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। विकास कार्य कराने के लिए अधिकारियों का रवैया ठीक नहीं होने का आरोप लगा सभी 20 निगम पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया। उन्होंने शहर का विकास कार्य करने के लिए सोनीपत नगर निगम पार्षद एसोसिएशन का गठन किया है। इसमें भाजपा पार्षद हरिप्रकाश सैनी, अतुल जैन, कांग्रेस पार्षद सुरेंद्र नैय्यर, बिजेंद्र मलिक व निर्दलीय पार्षद मुकेश सैनी की कमेटी बनाई गई है। साथ ही पार्षदों ने कहा कि जब भी अधिकारियों के साथ शहर के विकास के मुद्दे पर बातचीत होगी तो एसोसिएशन की कमेटी फैसला लेगी। उसके बाद भी अधिकारियों ने शहर में विकास के कार्य नहीं कराए तो सभी निगम पार्षद एकत्रित होकर सीएम से शिकायत करेंगे।
लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई तक नहीं हो रही
पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम की गृहकर शाखा में फाइलें लंबे समय से अटकी हुई हैं। इन फाइलों को पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। गृहकर से संबंधित फाइलों को पूरा कराने के लिए शहर की जनता निगम कार्यालय में लगातार चक्कर काट रही है। उसके बावजूद लोगों की समस्याओं को दूर नहीं किया जा रहा है। ऐसे में गृहकर शाखा में लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई तक नहीं हो रही है।
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सात ट्यूबवेल का अभी तक कनेक्शन नहीं मिला
पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम में पेयजल संकट को दूर करने के लिए गर्मियों में सात ट्यूबवेल लगाए गए थे। उसके बाद भी अभी तक इन ट्यूबवेलों को चालू नहीं किया गया। एक सप्ताह पहले शहर में गहराए पेयजल संकट के दौरान इन ट्यूबवेलों को नहीं चलाया गया। इस पर निगम आयुक्त धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि अगले दो दिन में बिजली निगम से कनेक्शन ले लिए जाएंगे। इसके बाद इन ट्यूबवेलों को चालू कर दिया जाएगा।
निगम पार्षदों ने आयुक्त को दिए यह प्रस्ताव
बैठक के दौरान शहर के विकास को लेकर पार्षदों ने आयुक्त धर्मेंद्र सिंह को प्रस्ताव सौंपे। इनमें निगम के सभी कर्मचारियों की जवाबदेही निश्चित की जाए। सिटीजन चार्टर लागू किया जाए। सीवर सफाई के लिए ठेकेदार की जवाबदेही तय हो, ठेकाकर्मियों की संख्या, मशीनों की संख्या व उनकी उपलब्धता समय पर होनी चाहिए। वार्डों में सफाईकर्मियों की हाजिरी निगम पार्षदों की उपस्थिति में हो। सभी पार्षदों को एक क्लर्क की सुविधा हो, ताकि समय पर पार्षदों के कार्य पूरे हो सकें। किसी भी कर्मचारी का तबादला, विकास कार्य के लिए टेंडर होने पर इसकी सूचना संबंधित पार्षदों को दी जाए। किसी भी तरह के भुगतान पर सहमति पत्र जरूर लिया जाए।
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