गन्नौर। अगवानपुर रेलवे अंडरपास का निर्माण कई साल से अधर में लटका हुआ है। विभागीय तालमेल की कमी और जिम्मेदारियों को एक-दूसरे पर थोपने के कारण परियोजना को पूरा नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि अधूरी खोदी गई सड़क और बंद रास्ता लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है।
स्थानीय लोग लंबे समय से इस मार्ग के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन विभागीय खींचतान के चलते समाधान होता दिखाई नहीं दे रहा है। सबसे बड़ी समस्या अंडरपास मार्ग में आ रहे पेड़ों की कटाई को लेकर है। रेलवे विभाग ने बिना अनुमति पेड़ काटे थे, जिस पर वन विभाग पहले ही जुर्माना लगा चुका है।
इसके बाद से रेलवे विभाग पेड़ों की कटाई के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने को तैयार नहीं है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अंडरपास के कुछ हिस्सा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सीमा में आता है और उस सीमा में आने वाले पेड़ कटवाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की ही है। पीडब्ल्यूडी वन विभाग से एनओसी नहीं ले रहा जिस वजह से उनका निर्माण कार्य अटक गया है।
विभागों के बीच खींचतान में अटका काम
विभागों के बीच खींचतान की वजह से कई माह से काम ठप है। रेलवे ने अंडरपास का रास्ता उखाड़ तो दिया है, लेकिन उसे अधूरा छोड़ देने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों और राहगीरों को रोजाना दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग अब मांग कर रहे हैं कि दोनों विभाग जल्द सहमति बनाकर काम को पूरा करें ताकि अंडरपास का लाभ जल्द मिल सके।
अगवानपुर फाटक के पास अंडरपास निर्माण रेलवे कर रहा है, लेकिन जमीन का कुछ हिस्सा पीडब्ल्यूडी की सीमा में आता है। उस हिस्से में वन विभाग के पेड़ खड़े हैं। रेलवे विभाग पीडब्ल्यूडी की जमीन पर वन विभाग से एनओसी नहीं ले सकता, क्योंकि जमीन पर मालिकाना हक पीडब्ल्यूडी का है। इस वजह से काम रुका हुआ है।
- राजेंद्र अग्रवाल, कनिष्ठ अभियंता, रेलवे
अंडरपास रेलवे का प्रोजेक्ट है, पीडब्ल्यूडी का नहीं। पीडब्ल्यूडी की कुछ जमीन जरूर परियोजना में आ रही है, लेकिन उसे रेलवे को देने में विभाग तैयार है। ऐसे में वन विभाग से एनओसी लेने और फीस जमा कराने की जिम्मेदारी रेलवे विभाग की ही बनती है।
- अनिल चहल, उपमंडल अभियंता, लोक निर्माण विभाग
फोटो 15: सोनीपत के गन्नौर में अधर में रुका अगवानपुर रेलवे अंडरपास का निर्माण कार्य। स्रोत:पाठक- फोटो : samvad