बाय रोड स्थित जीवानंद मार्डन पब्लिक स्कूल में हुए हादसे के बाद शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया है। जिला शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
नोटिस में राजकीय अवकाश घोषित होने के बावजूद स्कूल खोलने व असुरक्षित भवन में बच्चों को बैठाकर उनके जीवन से खिलवाड़ करने का कारण पूछा गया है। स्कूल को तीन दिन के भीतर इसका जवाब देने के आदेश दिए हैं। वहीं गिरफ्तार स्कूल संचालक को पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत भेज दिया।
जीवानंद मार्डन पब्लिक स्कूल की तीसरी कक्षा के कमरे की जर्जर कच्ची छत वीरवार को अचानक गिर गई थी, जिसमें 25 बच्चे, एक शिक्षिका और तीन मजदूर दबकर घायल हो गए थे। डीएसपी जोगेंद्र राठी, थाना बड़ी प्रभारी देवेंद्र शर्मा व जीटी रोड पुलिस चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और स्कूल का निरीक्षण कर बच्चों व उनके परिजनों के बयान लिए। पुलिस ने लालागढ़ी निवासी एक छात्रा के पिता की शिकायत पर स्कूल संचालक दिनेश कुमार व ठेकेदार के खिलाफ 288, 334, 37 आईपीसी धारा के तहत मामला दर्ज कर स्कूल संचालक को गिरफ्तार कर लिया था।
घायल बच्चों को 30-30 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग
विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने सरकार से स्कूल की छत गिरने से घायल हुए बच्चों को 30-30 हजार रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की, ताकि उनका इलाज अच्छे से कराया जा सके। कुलदीप शर्मा ने कहा कि स्कूल हादसे में घायल हुए बच्चों के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में सरकार को उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हादसे में प्रशासन की लापरवाही दिख रही है। यदि प्रशासनिक अधिकारी समय समय पर स्कूलों का निरीक्षण करें तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।