द सोनीपत सहकारी चीनी मिल में गन्ना पूरी क्षमता से नहीं पहुंचने के कारण 27 घंटे तक पेराई बंद रही। मिल में पहले से गन्ना लेकर पहुंचे किसानों को पेराई बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ा।
वीरवार दोपहर बाद करीब तीन बजे पेराई शुरू हुई तो किसानों को राहत मिल सकी। एक दिन पहले ही सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने मिल में पेराई सत्र का शुभारंभ किया था। मिल में गन्ना कम आने की वजह से कार्यक्रम स्थल से मंत्री के जाने के बाद मिल को बंद कर दिया था। 22 हजार टीसीडी पर मिल चलाने के लिए पांच हजार क्विंटल गन्ने की जरूरत होती है, लेकिन वीरवार सुबह तक दो हजार क्विंटल गन्ना पहुंचने के बाद भी मिल चालू नहीं किया। दोपहर होने के बाद गन्ना काफी मात्रा में मिल में लाया गया, तब तक मिल को चालू किया जा सका।
सहकारी चीनी मिल में पेराई क्षमता 22 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। मिल प्रबंधन की तरफ से करीब 70 हजार क्विंटल गन्ने की पर्ची जारी की गई है। लेकिन चीनी मिल में वीरवार सुबह तक दो हजार क्विंटल गन्ना ही पहुंच पाया है। जिसके कारण पेराई का काम शुरू होने में देरी हो रही है। मिल में इस बार 36 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा है। पेराई सत्र के शुभारंभ के बाद मिल बंद होने के बाद विभिन्न गांवों से किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में गन्ना लेकर वहां पहुंचे, लेकिन मिल नहीं चला तो किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद कई किसान गन्ने से भरी ट्रालियां मिल परिसर में खड़ी करके ट्रैक्टर लेकर चले गए थे। वीरवार दोपहर बाद मिल चालू होने के बाद किसानों को राहत मिल सकी।
चीनी मिल में मंगलवार को ही गन्ने से भरी छह ट्रालियां लेकर मिल में पहुंच गया था। मैंने 85 एकड़ में गन्ने की फसल उगा रखी है। वीरवार दोपहर तक मिल में पेराई शुरू नहीं हो सकी, ऐसे में ज्यादा परेशानी हुई। वीरवार दोपहर बाद पेराई शुरू होने पर राहत मिल सकी। -विनोद निवासी गढ़ी बाला
चीनी मिल में वीरवार रात को गन्ना लेकर पहुंच गया था। मिल में गन्ने की पेराई नहीं होने के कारण ज्यादा परेशानी हुई। मिल प्रबंधन से अपील है कि ज्यादा से ज्यादा गन्ना मंगवाकर पूरी क्षमता के साथ गन्ना पेराई कराया जाए, जिससे किसानों को परेशानी नहीं होगी। -अनूप सिंह, निवासी भठगांव
चीनी मिल में वीरवार दोपहर बाद तक पूरी क्षमता के साथ गन्ना आने के बाद पेराई शुरू कर दी गई। सभी किसान उचित समय पर अपनी पर्ची के हिसाब से मिल में साफ गन्ना लेकर आएं। -जितेंद्र जोशी, प्रबंध निदेशक सहकारी चीनी मिल