सोनीपत। जिले में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से हवा की गुणवत्ता ज्यादा खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। इस पर नियंत्रण के लिए पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम एवं नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) ने सोनीपत को अति संवेदनशील की श्रेणी में शामिल किया है। साथ ही नगर निगम को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तहत प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने को कहा है। अलग-अलग तरीके से प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। स्मॉग अब मुसीबत बनने लगा है। एक्यूआई भी 312 पहुंच गया है।
नगर निगम की तरफ से प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की श्रेणी निर्धारित कर उन पर लगने वाले जुर्माने की सूची जारी कर दी गई है। प्रदूषण फैलाने वालों पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। इसके साथ ही उन्हें जेल भी हो सकती है। शहर में सख्ती के साथ इसे लागू किया जाएगा। दिवाली के बाद से ही जिले में वायु गुणवत्ता का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। पटाखे जलाने व फसल अवशेष जलाने की घटना घटित होने की वजह से सोनीपत शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। जिसका खामियाजा लोगों को झेलना पड़ रहा है। रविवार को वायु गुणवत्ता का औसत स्तर 312 तक पहुंच गया है। सुबह-शाम लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई। लोगों को आंखों में जलन का सामना करना पड़ा।
प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां व उनके अनुसार लगने वाला जुर्माना
-कूड़े को सड़क, गली, सीवर, नाले, खुले प्लाट व सार्वजनिक स्थान में फेंकने वाले दोषी होंगे। इसमें प्लॉट मालिक और कूड़ा डालने वाले वाहन चालक व मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इसमें पांच हजार तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसमें छह माह तक की सजा या दोनों भी हो सकती है।
- खुले में शौच करने पर 500 रुपये का जुर्माना होगा।
- पेयजल का दुरुपयोग करने पर भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसमें आवासीय परिसर में 500 रुपये और व्यावसायिक में 2000 रुपये तक जुर्माना होगा।
- बिल्डिंग मटेरियल/मलबा निर्धारित स्थानों से अलग डालने पर इसके लिए इस्तेमाल किए गए वाहनों के चालक और मालिक दोषी होंगे। उन पर पांच हजार का जुर्माना या छह माह की जेल या दोनों भी हो सकते हैं।
- किसी भी स्थान पर कूड़ा या बगीचे का कचरा जलाने वाले और प्लाट मालिक पर पांच हजार का जुर्माना या छह माह की जेल या दोनों सजा हो सकती है।
- दूषित पानी निर्धारित स्थानों के अलावा अन्य जगह डालने वाले को दोषी माना जाएगा। इसके साथ ही इसमें प्रयोग होने वाले वाहन के चालक व मालिक को दोषी माना जाएगा। उन पर पांच हजार का जुर्माना या छह माह की जेल या दोनों सजा दिया जाना संभव है।
- सार्वजनिक या निजी संपत्ति पर बिना अनुमति बैनर, पोस्टर, फ्लैक्स लगाने वाले को पहली बार में 3000 रुपये या छह माह की जेल या दोनों, दूसरी बार लगाने पर 5000 रुपये या छह माह की जेल या दोनों, तीसरी बार में 10000 रुपये जुर्माना या छह माह की जेल या दोनों भी हो सकती है।
- अवैध एडवरटाइजिंग के डिस्पले पर निर्धारित फीस से तीन गुना जुर्माना।
- पॉलीथिन के इस्तेमाल करने वालों पर 100 ग्राम तक 500 रुपये, 101 से 500 ग्राम तक 1500 रुपये, 501 ग्राम से एक किग्रा तक 3000 रुपये, 1 किग्रा से 5 किग्रा तक 10 हजार रुपये, 5 किग्रा से 10 किग्रा तक 20 हजार रुपये, 10 किग्रा से ज्यादा पर 25 हजार रुपये। पॉलीथिन जब्त की जाएगी।
- पशुओं के अवैध स्लाटर और खुले में मांस बेचने पर 500 रुपये, साथ ही 50 रुपये रोजाना, सामान सीज करने के साथ ही छह माह की जेल भी हो सकती है।
- गोबर खाली भूमि या सड़क पर डालने अथवा सीवर और नाले में बहाने वालों पर पांच हजार का जुर्माना या छह माह की जेल अथवा दोनों संभव है।
- प्रदूषण को रोकने के लिए दिए गए निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध के उल्लंघन पर 100 वर्ग मीटर तक के प्लाट पर 10 हजार रुपये, 101 से 200 वर्ग मीटर के प्लॉट पर 20 हजार रुपये, 500 वर्ग मीटर तक के प्लाट पर 30 हजार रुपये, 500 वर्ग मीटर से ज्यादा के प्लाट पर 50 हजार रुपये, 2 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा के प्लाट पर 5 लाख रुपये तक जुर्माना लगेगा।
- गाय-भैंस आदि पशुओं को खुला छोड़ने पर 2 हजार रुपये और तीन माह की जेल होगी।
- विभिन्न गोदामों के मालिक और किराएदारों पर कूड़ेदान व निर्धारित स्थानों के अलावा कूड़ा फेंकने पर 500 रुपये और 50 रुपये प्रतिदिन जुर्माना हो सकता है।
- इनके अलावा अन्य किसी भी तरह प्रदूषण फैलाने वालों पर सरकार, न्यायालय, एनजीटी के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एटीपी व सफाई निरीक्षक कर चुके 19 के चालान
जिले में अब तक एटीपी देवेंद्र खासा व सफाई निरीक्षण सतपाल सैनी की टीम ने शहर में 19 चालान किए हैं। इसमें एटीपी ने निर्माण सामग्री सड़क पर डालने के चलते 10 लोगों के 5-5 हजार रुपये के चालान किए हैं। उनसे जल्द जुर्माना राशि वसूली जाएगी। वहीं सफाई निरीक्षक की टीम ने सड़क पर कूड़ा डालने पर नौ लोगों के चालान किए हैं। जिनसे 500-500 रुपये जुर्माना वसूला गया है।
वर्जन
हवा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए नगर निगम की तरफ से कड़े फैसले लिए गए हैं। यह निर्देश राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर जारी किए जाते हैं। ऐसे में निगम क्षेत्र में कोई प्रदूषण फैलाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र खासा, एटीपी नगर निगम।