फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एसकेएम के फैसले पर नाराजगी: भूख हड़ताल पर बैठे किसान बोले- न एमएसपी गारंटी कानून मिला, न केस वापस हुए

Fri, 10 Dec 2021 09:39 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने सरकार से सहमति के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया है। वहीं कुछ किसानों को इस फैसले पर एतराज है। उनके अनुसार एमएसपी गारंटी कानून की मांग पूरी हुए बगैर आंदोलन स्थगित करना ठीक नहीं है।
विज्ञापन
कुंडली बॉर्डर पर सरकार की तरफ से भेजे आधिकारिक पत्र को दिखाते भूख हड़ताल पर बैठे किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसान आंदोलन स्थगित किए जाने के एक दिन बाद ही मुख्य मंच के पास भूख हड़ताल पर बैठे कुछ किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के फैसले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि न तो एमएसपी गारंटी कानून किसानों को मिला है और न ही किसानों के केस वापस हुए हैं। ऐसे में आंदोलन स्थगित करना और स्थान खाली करना गलत है।

विज्ञापन


5 दिसंबर से मुख्य मंच के पास भूख हड़ताल पर बैठे सतनाम सिंह, बिक्रमजीत सिंह, सुखबीर बिचपड़ी आदि ने कहा कि शुरुआत से ही उनकी मांग कृषि कानूनों की वापसी व एमएसपी गारंटी कानून की रही है। इन्हीं मांगों को लेकर किसान सालभर से आंदोलनरत हैं।

यह भी पढ़ें ः हरियाणा: एसटीएफ के सामने पेश न होने पर आईपीएस धीरज सेतिया निलंबित, सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया था
विज्ञापन
विज्ञापन


कानून वापस हो गए, लेकिन एमएसपी गारंटी कानून नहीं मिला, केवल आश्वासन मिला है। जबकि किसानों पर दर्ज केस भी वापस लिए जाने का केवल आश्वासन मिला है, लेकिन वास्तव में इनमें से अभी तक कोई मांग पूरी नहीं हुई है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि बार-बार केस वापस लेने के बाद ही धरने से उठने का दावा कर रहे किसान नेता आखिर अचानक कैसे बदल गए। साथ ही कहा कि वह यहीं बैठकर विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें