सोनीपत। देशवाली बेल्ट में शुमार सोनीपत जिले को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा का गढ़ माना जाता था। हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस ने वर्ष 2009 व 2014 के चुनाव में सोनीपत की छह में से पांच और वर्ष 2019 में चार सीटों पर काबिज होकर इसे साबित भी किया था। हालांकि कांग्रेस का मजबूती से साथ देने वाले सोनीपत जिले ने इस बार कांग्रेस को नकार दिया है। कांग्रेस को यहां महज एक सीट पर जीत मिली है।
सोनीपत जिला जाट लैंड माना जाता है। यहां से कांग्रेस लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही थी। भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ कहे जाने वाले सोनीपत जिले में अबकी बार उनका असर दिखाई नहीं दिया। छह विधानसभा सीटों में से महज एक सीट ही कांग्रेस की झोली में गई हैं। चुनाव के दौरान जिले में कांग्रेस ने अपने पक्ष में माहौल होने के दावे भी किए थे, लेकिन इसके बावजूद इस बार चार सीट से कांग्रेस एक पर आ गई है। कांग्रेस ने वर्ष 2009 व 2014 में लगातार एक दशक तक सोनीपत की पांच-पांच सीटों पर कब्जा जमाया था। इसके बाद इसे हुड्डा का गुढ़ कहा जाने लगा। इसमें भी गोहाना सीट पर तो वर्ष 2005 से व खरखौदा व बरोदा में वर्ष 2009 में कांग्रेस काबिज थी। इस बार परिणाम ने पूरी तरह हैरान किया है।
सोनीपत की सीट पर वर्ष 2019 में कांग्रेस के सुरेंद्र पंवार ने बड़ी जीत दर्ज की थी। इस बार भाजपा के निखिल मदान ने इस सीट को फिर से उनसे छीनकर भाजपा के खाते में डाल दिया है। सोनीपत विधानसभा सीट से तब सुरेंद्र पंवार 32878 वोट के बड़े अंतर से जीते थे। इस बार कांग्रेस छोडकऱ कुछ माह पहले ही भाजपाई हुए निखिल मदान ने उन्हें 29627 वोट से हराकर इस सीट को फिर से भाजपा को लौटा दिया है।
बरोदा ने बचाई लाज
सोनीपत में बरोदा सीट पर लगातार कांग्रेस अपना परचम लहरा रही है। यहां से कांग्रेस के इंदुराज नरवाल ने उप चुनाव के बाद अब फिर से कांग्रेस का परचम लहराया है। बरोदा सीट पर लगातार तीन बार वर्ष 2005, 2014 और 2019 में कांग्रेस के श्रीकृष्ण हुड्डा ने जीत दर्ज की थी। उनके निधन के बाद 2020 में यहां उप चुनाव हुए तो प्रदेश में भाजपा की सरकार होते हुए यहां से कांग्रेस के ही इंदुराज नरवाल जीते थे। इस बार फिर से कांग्रेस ने इंदुराज नरवाल को उतारा तो उन्होंने ही सोनीपत की इस सीट का हुड्डा के गढ़ होने की लाज को बचाए रखा।
वर्ष 2019 में यह थे हालात, अब बनी यह स्थिति
वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में सोनीपत जिले की गोहाना, बरोदा, खरखौदा और सोनीपत विधानसभा क्षेत्र सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। इसमें जगबीर मलिक ने गोहाना, श्रीकृष्ण हुड्डा ने बरोदा, जयवीर सिंह ने खरखौदा और सुरेंद्र पंवार ने सोनीपत सीट को जीता था। भाजपा के मोहन लाल बड़ौली ने राई तथा निर्मल चौधरी ने गन्नौर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। अबकी बार सोनीपत, गोहाना, खरखौदा व राई पर भाजपा तो गन्नौर से निर्दलीय व भाजपा के बागी होकर चुनाव लड़ने वाले देवेंद्र कादियान ने जीत दर्ज की है।