फोटो 18- बस अड्डे पर बस का इंतजार करते यात्री।
सोनीपत। बसों के परिचालन में अब परिचालकों की कमी बाधा नहीं बनेगी। मुख्यालय ने इस कमी को दूर करते हुए पांच साल बाद परिचालकों के लिए ओवरटाइम शुरू करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत सोनीपत डिपो के परिचालकों को करीब 326 घंटे का ओवरटाइम दिया जाएगा। हालांकि डिपो मेें चालक पर्याप्त होने के चलते उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। रोडवेज अधिकारियों ने वीरवार को नई व्यवस्था के अनुसार परिचालकों की ड्यूटी लगाई और उन्हें विभिन्न रूटों पर रवाना किया।
रोडवेज में साल 2018 से पहले तक ओवरटाइम की व्यवस्था लागू थी। आठ घंटे से अधिक समय तक कार्य करने पर चालक व परिचालक को ओवरटाइम दिया जाता था। मुख्यालय ने साल 2018 में इस व्यवस्था को बंद कर ड्यूटी का समय आठ घंटे निर्धारित कर दिया था। जो चालक या परिचालक लंबे रूट पर चल रहे हैं और आठ घंटे से ज्यादा समय तक ड्यूटी दे रहे हैं, उन्हें अतिरिक्त समय के लिए अवकाश दिया जाता है। रोडवेज डिपो में 40 नई बसों के पहुंचने के बाद परिचालकों की कमी बन गई। जिस कारण सभी बसों का परिचालन बेहतर तरीके से करने में परेशानी आ रही थी। व्यवस्था बनाए रखने के लिए परिचालकों को ओवर टाइम देने की मांग की गई थी। जिसे मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि परिचालकों के लिए ओवरटाइम शुरू होने से व्यवस्था बनाए रखने में आसानी होगी।
किलोमीटर स्कीम की बसों में ड्यूटी लगने से बनी कमी
सोनीपत डिपो में 233 परिचालक कार्यरत हैं। इनमें से किलोमीटर स्कीम के तहत चलाई जा रही 63 बसों पर भी रोडवेज के परिचालकों की ही ड्यूटी रहती है। यही कारण है कि डिपो में परिचालकों की कमी बनी हुई है। विभाग के आठ घंटे ड्यूटी लगाने के निर्णय के चलते अधिकारियों को बसों का संचालन करने में परेशानी आ रही थी। ओवरटाइम शुरू होने से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा दी जा सकेगी।
वर्जन
डिपो में परिचालकों की कमी है। जिस कारण व्यवस्था बनाए रखने में परेशानी हो रही थी। मुख्यालय ने ओवरटाइम शुरू करने की मंजूरी दे दी है। वीरवार को नई व्यवस्था के अनुसार ही परिचालकों की ड्यूटी लगाई गई है। डिपो की तरफ से रोजाना 326 घंटे का ओवरटाइम दिया जाएगा। जिससे विभिन्न रूटों पर यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा दी जा सकेगी। यात्रियों के सामने किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। गजेंद्र देशवाल, डीआई, रोडवेज डिपो, सोनीपत
फोटो 18- बस अड्डे पर बस का इंतजार करते यात्री।