नियम 134ए के तहत ली गई मूल्यांकन परीक्षा का परिणाम बुधवार देर रात जारी कर दिया गया, लेकिन इसमें विद्यार्थियों के साथ खिलवाड़ किया गया है। मूल्यांकन परीक्षा में जिन विद्यार्थियों ने 85 से 93 प्रतिशत तक अंक प्राप्त किए, ऐसे विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट नहीं किए गए, जबकि इससे कम अंक लेने वाले विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट कर दिए गए।
वीरवार सुबह ही अभिभावक अपने परिणाम जानने के लिए बीईओ कार्यालय पर पहुंचने लगे थे। बीईओ कार्यालय पर दिनभर अभिभावकों की भीड़ लगी रही। पोर्टल से परिणाम अपलोड नहीं हो रहा था। शिक्षा अधिकारी दोपहर तक परिणाम अपलोड करने में लगे रहे, लेकिन सर्वर क्रैश होने के कारण परिणाम अपलोड नहीं हुआ। देर सायं तकनीकी के कारण परिणाम रद्द होने का पता लगने पर अभिभावकों को मायूसी हाथ लगी।
गुरुवार को बीईओ कार्यालय तीन अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचे। इन बच्चों के अंक 85 से 93 प्रतिशत तक थे। इन बच्चों में एक ने लिटल एंजल्स स्कूल, दूसरे ने स्वर्णप्रस्थ और तीसरे ने ब्राइट स्कॉलर स्कूल का चयन किया था, लेकिन इन्हें कोई स्कूल अलॉट नहीं किया गया, जबकि इनसे कम अंक वाले बच्चों को वो स्कूल अलॉट कर दिए, जिसका चयन इन बच्चों ने किया था। शिक्षा अधिकारियों ने अभिभावकों की शिकायत को उच्चाधिकारियों के पास भेजा। जिसके बाद परिणाम रद्द कर दिया गया।
नियम 134ए के तहत जारी परिणाम में पोर्टल ने उन विद्यार्थियों का नाम नहीं उठाया है, जिन्होंने स्कूल ऑप्शन में केवल एक स्कूल का चयन किया था। यही कारण है कि बेहतर अंक लेने के बावजूद इन बच्चों को स्कूल अलॉट नहीं हुए। प्रदेश भर से इस प्रकार की शिकायतें मिली हैं, जिसे देखते हुए जारी परिणाम रद्द कर दिया गया है। शुक्रवार को संशोधित परिणाम जारी किया जाएगा। - मनोज वर्मा, प्रभारी, नियम-134ए, सोनीपत