किसान आंदोलन स्थगित होने के 10 दिन बाद सोनीपत में एनएच-44 पर भिगान टोल प्लाजा मंगलवार से शुरू कर दिया गया है। टोल शुरू होने से इस रोड से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए सफर महंगा हो गया है। साथ ही टोल से बेरोकटोक निकलने का सिलसिला भी बंद हो गया।
भिगान टोल प्लाजा पर कुल 26 लेन हैं, जिनमें से 22 लेन को अभी शुरू कर दिया गया है। पानीपत की तरफ जाने के लिए 10 फास्टैग लेन व एक इमरजेंसी लेन शुरू की गई हैं। इसी तरह दिल्ली की तरफ जाने के लिए 10 फास्टैग लेन व एक इमरजेंसी लेन शुरू हो चुकी हैं। टोल पर कैशलेन को बंद कर दिया गया है। इससे अब बिना फास्टैग लगे वाहनों को दोगुना टैक्स देकर ही गुजरना होगा।
एक साल तक बिना टैक्स दिए जाने वाले आसपास के क्षेत्र के वाहन चालकों को अचानक टोल शुरू होने से परेशानी हुई। उनके द्वारा फास्टैग रिचार्ज नहीं कराए गए थे। मंगलवार को अचानक टोल शुरू हुआ तो उनके फास्टैग ब्लैकलिस्ट मिले, जिससे वाहन चालकों को नकद में भुगतान करना पड़ा।
टोल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भिगान टोल से रोजाना करीब 45 से 50 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। टोल फ्री होने से पहले सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपयों का राजस्व मिल रहा था। टोल फ्री होने के बाद सरकार को अरबों रुपयों का नुकसान हुआ। अब फिर से टोल शुरू होने पर सरकार को राजस्व का लाभ मिलेगा। जानकारी अनुसार पार्थ इंडिया कंपनी 51 लाख 51 हजार रुपये प्रतिदिन सरकार को राजस्व देगी।
टोल अधिकारी कपिल ने बताया कि भिगान टोल प्लाजा के साथ लगते सात गांवों के ग्रामीणों के लिए टोल नि:शुल्क रहेगा। इनमें भिगान, मुरथल, पिपलीखेड़ा, कुराड़, लड़सौली, हसनपुर व धतूरी शामिल हैं।