राजस्थान से व्यक्ति का अपहरण कर उससे नौ करोड़ के 30 बिटक्वाइन लेने के मामले में राजस्थान पुलिस आरोपी पुलिसकर्मियों की तलाश कर रही है। बुधवार को राजस्थान पुलिस खरखौदा पहुंची और थाने में मामले को लेकर जानकारी जुटाई। राजस्थान पुलिस मामले में आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास तेज कर दिए है।
राजस्थान के सीकर जिले के नीमका थाना क्षेत्र के रहने वाले शशिकांत का अपहरण कर उससे 9 करोड़ रुपये के बिटक्वाइन ऐंठने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। जयपुर से अपहृत किए गए शशिकांत ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए सिरसा पुलिस को शिकायत दी थी। जिस पर पुलिस ने शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज कर संबंधित थाने को भेज दी थी। इस मामले में खरखौदा एएसपी के रीडर रहे शिवकुमार व गोहाना थाने में नियुक्त रहे एचसी मोनू उर्फ पवन का नाम सामने आ चुका है। एसपी सोनीपत राहुल शर्मा ने उन्हें सस्पेंड करते हुए विभागीय जांच भी शुरू करवा दी है। वहीं अब राजस्थान पुलिस बुधवार को इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम सिंह के नेतृत्व में खरखौदा पहुंची। वहां पर टीम को पता चला कि एक आरोपी एएसआई शिवकुमार खरखौदा थाने का कर्मचारी नहीं है। टीम आरोपी की गिरफ्तारी करने के लिए छापा मार रही है। वहीं अपहरण करके खरखौदा लाए गए शशिकांत को कहां-कहां ले जाया गया और रात में कहां पर रखा गया, उसका भी नक्शा तैयार किया जा रहा है। जल्द ही जेल में बंद शिकायतकर्ता शशिकांत से भी पूछताछ की जाएगी।
राजस्थान पुलिस मामले की जांच व आरोपियों के बारे में पता करने पहुंची थी। उनको जानकारी दे दी गई है। आरोपी का थाने से कोई संबंध नहीं है। इसके साथ ही पुलिस का सहयोग किया जा रहा है। इंस्पेक्टर जसपाल सिंह, थाना प्रभारी खरखौदा।