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बारिश के साथ ओलावृष्टि से तबाह हुए धरतीपुत्र के अरमान

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गांव रोहट के खेतो में बारिश के बाद जमीन पर बिछी धान की फसल। संवाद - फोटो : Sonipat
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पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के चलत रविवार शाम को जिले के अधिकतर क्षेत्रों में बारिश हुई। बारिश के साथ सोनीपत, खरखौदा व गोहाना में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई है। बारिश के साथ ओलावृष्टि किसानों के लिए आफत बनकर आई। ओलावृष्टि से खेतों से लेकर मंडी तक किसानों को नुकसान झेलना पड़ा। मौसम के बिगड़े मिजाज से वातावरण में ठंड भी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर अधिक व्यापक नहीं होगा और सोमवार के बाद मौसम फिर से साफ हो जाएगा।
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रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छा गए थे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पंजाब के ऊपर चक्रवात विकसित होने के कारण पश्चिमी विक्षोभ और नमी भरी हवाओं के आपस में टकराने से मौसम का मिजाज बिगड़ गया। जिसके कारण जिले के अधिकतर स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। सोनीपत ब्लॉक में सबसे अधिक बारिश हुई। जिसमें शाम साढ़े छह बजे तक 16 एमएम बारिश हुई। वहीं राई, गोहाना, खरखौदा, गन्नौर व खानपुर कलां में एक से दो एमएम बारिश हुई। उसके बावजूद किसानों को काफी नुकसान हुआ है। पहले ही बारिश से खेतों में पानी भरा था। अब समस्या और बढ़ गई है।
इन गांवों में ओलावृष्टि के चलते हुआ अधिक नुकसान
सोनीपत जिले में गांव रोहट, झरोठ, फतेहपुर, ककरोई, नकलोई, खांडा, भठगांव आदि में ओलावृष्टि से नुकसान ज्यादा है। अब खेतों में खड़ी करीब 20 से 25 फीसदी धान की फसल पर इसका सबसे बुरा असर पड़ेगा। अब धान का दाना खराब हो जाएगा। इससे पैदावर कम होने के साथ ही उसका दाम भी कम मिलेगा। खांडा निवासी किसान अत्तर सिंह, रणबीर, बिरेंद्र, प्रवेश, मनोज, नरेश, कर्मबीर, काला, राजेश, सतीश, सत्ते, सोमबीर आदि का कहना है कि अभी ना केवल धान की फसल खेतों में खड़ी है वहीं कई अन्य फसलें भी रविवार की शाम को हुई ओलावृष्टि की चपेट में आ गई है। बारिश का पानी भरने से पहले से ही फसल खराब हो चुकी थी। वहीं रही-सही कसर अब ओलावृष्टि ने पूरी कर दी है। किसानों ने सरकार से विशेष गिरावरी कराकर नुकसान की भरपाई की मांग की है।
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मंडी में भीगा धान, भाव में फिर आ सकती है गिरावट
तेज हवाओं के साथ आई बारिश से किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। बारिश के कारण खेतों में पहले से ही जलभराव की समस्या झेल रहे किसानों की परेशानी बढ़ गई। वहीं मंडी में धान भीग गया। जिसका सीधा असर धान व अन्य फसलों के भावों पर पड़ेगा। रविवार सुबह तक धान की किस्म 1509 का भाव जहां 3100 रुपये प्रति क्विंटल तक था, वहीं धान की किस्त 1121 का भाव करीब 3500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था। लेकिन अब बरसात होने से अगले दो से तीन दिनों तक भावों में गिरावट आ सकती है। यही नहीं नमी बढऩे से हजारों क्विंटल धान की बोली होने में भी देरी होगी। मंडी में फिलहाल करीब साढ़े 12 हजार क्विंटल धान खुले में पड़ा है।
रबी सीजन की फसलों की बिजाई में होगी देरी
रविवार को हुई बारिश के बाद अब रबी सीजन की बिजाई प्रक्रिया पर भी असर पड़ेगा। किसानों ने गेहूं की बिजाई के लिए जमीन को तैयार करना शुरू कर दिया था। अब बारिश से उसमें बिजाई देरी से हो सकेगी। साथ ही बारिश का दौर जारी रहने पर बिजाई प्रक्रिया देरी से ही शुरू हो सकेगी। सोनीपत जिले में रबी सीजन के तहत इस बार करीब 1 लाख 44 हजार हैक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई करने का लक्ष्य रखा गया है।
तापमान में आई गिरावट, अब बढ़ेगी ठंड
रविवार सुबह से ही मौसम में बदलाव आ गया था। आसमान में काले बादल छाने के साथ ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो गई थी। हालांकि दोपहर में समय कुछ समय के लिए हल्की धूप निकली थी। परंतु शाम को बारिश शुरू हो गई। दिन का अधिकतम तापमान जहां 28 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 18 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अब तापमान में गिरावट आनी शुरू हो जाएगी। अक्तूबर माह के अंतिम दिनों तक जहां न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होगी, वहीं नवंबर माह के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान भी घटना शुरू हो जाएगा। रविवार को हुई बारिश से वातावरण में प्रदूषण का स्तर भी कम हुआ है।
मौसम विभाग की ओर से रविवार को बारिश आने की चेतावनी दी थी। इसको देखते हुए शनिवार को ही सभी आढ़तियों को बारिश के आने की सूचना देकर उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए थे। अनाज मंडी में बारिश में खुले में पड़ा 12 हजार क्विंटल धान भीग गया है।
-जितेंद्र कुमार, सचिव मार्केट कमेटी सोनीपत।
बारिश के साथ ओलावृष्टि से धान की फसल प्रभावित हुई है। इसकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को दी जाएगी। किसान विशेष गिरदावरी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से मिल सकते है।
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-डॉ. अनिल सहरावत, जिला उप निदेशक कृषि विभाग
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