किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल व सुमन हुड्डा ने बताया कि किसान आंदोलन को आठ महीने पूरे हो गए हैं और उसके बाद भी किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया है। इसलिए ही किसान भी जंतर-मंतर पर संसद लगा रहे हैं। सोमवार को जंतर-मंतर पर महिला संसद लगाई जाएगी, जिसके लिए सोमवार सुबह 200 महिला किसान कुंडली बॉर्डर से बस में सवार होकर दिल्ली जाएगी। इनमें 100 महिला किसान पंजाब तो 100 अन्य राज्यों की होंगी और इन सभी के पहचान पत्र भी बन चुके हैं। इनके अलावा किसान नेता सोमवार को लखनऊ में जाएंगे और वहां पर कृषि कानूनों से होने वाले नुकसान व किसानों के प्रति सरकार के रवैये के बारे में बताया जाएगा।
नवजोत सिंह सिद्धू व सुनील जाखड़ के खिलाफ भड़के किसान
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य हरेंद्र सिंह लखोवाल ने कहा कि किसानों ने संसद के अंदर आवाज उठाने के लिए सांसदों को व्हिप दिया था कि वह संसद से बाहर नहीं आएं और अंदर रहकर ही किसानों की आवाज उठाएं। इसके बावजूद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने नवजोत सिंह सिद्धू ने संसद चलने के बीच ही अपनी ताजपोशी का कार्यक्रम रखा और संसद छोड़कर उनके सभी सांसद वहां कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसके अलावा नवजोत सिद्धू ने किसानों को लेकर बयान दिया कि प्यासे के पास कुआं नहीं जाता है, बल्कि कुएं के पास प्यासा जाता है। इसलिए अब नवजोत सिद्धू को 2022 में बताएंगे कि आखिर कौन कुआं है और कौन प्यासा। वहीं कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ के उस बयान को लेकर भी किसानों ने आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों को अच्छे से समझाकर पंजाब से दिल्ली भेजा है। किसान नेताओं ने कहा कि इस तरह के बयान देने वाले नेताओं का गांवों में विरोध किया जाएगा।