संसद कूच करने वाले किसानों के पहचान पत्र बनाए गए है। इसे देखते हुए माना जा रहा है कि पहले दिन चढूनी गुट के किसान संसद कूच में शामिल नहीं होंगे। क्योंकि चढूनी गुट के किसानों के पहले दिन पहचान पत्र नहीं बने हैं। इसका एक कारण यह भी माना जा रहा है कि मिशन पंजाब को लेकर संयुक्त मोर्चा से सस्पेंड किए गए गुरनाम सिंह चढूनी अपने बयान पर अड़े हुए हैं। गुरनाम सिंह चढूनी ने बुधवार को साफ कहा कि वह मिशन पंजाब के बयान से पीछे हटने वाले नहीं है और वह इस पर अड़े रहेंगे।
हम मुख्यमंत्री बनने नहीं, जमीन बचाने आए
पंजाब के किसान नेता रूलदू सिंह मानसा ने कहा कि हमारे कुछ साथी कह रहे हैं कि संयुक्त किसान मोर्चा का मुख्यमंत्री बनाओ। लेकिन यह पूरी तरह से गलत है, क्योंकि हम मुख्यमंत्री बनने के लिए नहीं, बल्कि अपनी पैतृक जमीन बचाने के लिए आए हैं। उस जमीन के सहारे ही परिवार चल रहे है इसलिए उसे बचाना जरूरी है।
भीड़ रोकने को अपील करते रहे किसान नेता
संयुक्त किसान मोर्चा ने संसद कूच में केवल 200 किसानों के जाने की बात कही है लेकिन किसान नेताओं को डर है कि संसद के लिए ज्यादा किसान रवाना हो सकते हैं। इसलिए किसान नेता बुधवार को मंच से किसानों से अपील करते रहे कि संसद कूच में केवल वह किसान शामिल होंगे, जिनको पहचान पत्र दिए जाएंगे। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि यहां से केवल 200 किसान जाएंगे और इससे ज्यादा किसान जाते हैं तो असामाजिक तत्व शामिल होकर बवाल कर सकते हैं। इसलिए अन्य किसानों को बॉर्डर पर रहकर ही आंदोलन करना है।