प्रदूषण के बढ़ते स्तर के चलते स्कूलों को बंद करने के आदेशों की निजी स्कूल पहले ही दिन अवहेलना करते दिखाई दिए। शनिवार को जिले में ज्यादातर निजी स्कूल सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। आदेशों की अवहेलना करने में शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल भी पीछे नहीं रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अधिकतर स्कूल खुले रहे। हालांकि कुछ स्कूलों ने निर्देशों का पालन करते हुए अवकाश घोषित कर दिया था। जो बच्चे स्कूल पहुंचे, उन्हें वापस भेज दिया। दूसरी तरफ जिले के सभी राजकीय स्कूल बंद रहे। हालांकि शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को ही सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को आदेश से अवगत करवा दिया था। सोमवार से शिक्षा विभाग की टीम फील्ड में उतरेगी और स्कूलों का निरीक्षण करेगी। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार ने दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में लगातार प्रदूषित होती जा रही हवा को देखते हुए सोनीपत सहित चार जिलों में स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए हैं। साथ ही 14 जिलों में निर्माण कार्यों पर रोक लगाई है। सरकार के आदेशों का पहले ही दिन जिले में कोई असर दिखाई नहीं दिया। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि शुक्रवार शाम को आदेश मिलते ही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के पास भेज दिया था और आदेशों की सख्ती से पालना के निर्देश दिए थे। जबकि कुछ स्कूल संचालकों ने शिक्षा विभाग की तरफ से किसी प्रकार की सूचना मिलने से इनकार किया है। स्कूल संचालकों का कहना है कि सरकार के आदेशों की पालना की जाएगी।
198 रहा वायु गुणवत्ता सूचकांक
शनिवार को एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) औसतन 198 रहा। जिसे खराब स्थिति में रखा जाता है। इस प्रदूषण स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रदूषण से बुजुर्गों व बच्चों के लिए ज्यादा परेशानी होती है। अगर स्कूल बंद होंगे तो बच्चों को प्रदूषण के प्रभाव से बचाया जा सकता है। वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में अवकाश रहने से वाहनों का आवागमन भी कम होगा। जिससे वायु गुणवत्ता के स्तर में सुधार होगा।
ये काम नहीं होंगे बंद
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से डीजल जनरेटर चलाने पर भी पाबंदी लगाई है। ऐसे में जिले के उद्योगों व अन्य जगहों पर चलने पर जनरेटरों पर विभाग की नजर रहेगी। जबकि प्लंबिंग, इंटीरियर डेकोरेशन, बिजली फिटिंग और बढ़ई जैसे बिना प्रदूषण वाले काम पर यह रोक लागू नहीं होगी।
सड़कों पर दौड़ती रहीं बच्चों से भरी स्कूल बसें
गोहाना। क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के स्तर के बीच प्रदेश सरकार के बंद के आदेशों के बावजूद निजी स्कूल अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे। हालात यह है कि कुछ स्कूल संचालक आदेशों को न मानते हुए स्कूलों को खोल रहे हैं। शनिवार को भी क्षेत्र के अधिकतर निजी स्कूल खुले रहे। इसके अलावा सुबह व दोपहर बाद शहर में निजी स्कूलों की बच्चों से भरी बसें दौड़ती रही। इसके बावजूद प्रशासन सुस्त नजर आ रहा है।
नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई : बीईओ
गन्नौर। प्रदूषित होती जा रही हवा को देखते हुए निर्माण गतिविधियों, निजी व राजकीय स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए हैं। शनिवार को कुछ निजी स्कूल सरकार व प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाते नजर आए। खंड शिक्षा अधिकारी सुरजीत सिंह ने बताया कि कुछ निजी स्कूल खुले होने की सूचना मिली है। जो स्कूल आदेशों के बाद भी खुले रहे, उनके खिलाफ विभाग द्वारा कारवाई की जाएगी।
खरखौदा। स्कूलों को बंद करने के आदेशों को शनिवार को कई निजी स्कूल ठेंगा दिखाते दिखे। कई स्कूलों संचालकों ने स्कूल बंद रखते हुए विद्यार्थियों को संदेश भेजा, जबकि कई स्कूल रुटीन में खुले रहे। कुछ स्कूलों ने स्थिति स्पष्ट न होने की बात कही। खंड शिक्षा अधिकारी रचना बाना का कहना है कि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं, जो शेड्यूल के अनुसार ही चलेंगी। छोटी कक्षाओं के बच्चे भी स्कूल बुलाए गए हैं, ऐसी कोई शिकायत संज्ञान में नहीं आई है।
स्कूलों को बंद करने के आदेश मिलते ही शुक्रवार शाम को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के पास भेज दिए थे। साथ ही नियमों का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए थे। यदि आदेश के बावजूद स्कूल खोले गए है तो ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोमवार से आदेशों की सख्ती से पालना करवाने के लिए टीम को फील्ड में उतारा जाएगा। यह टीम स्कूलों का निरीक्षण करेगी।
प्रोमिला भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत
वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए आगामी निर्देशों तक सभी निजी व सरकारी स्कूल बंद रहेंगे। इस अवधि के दौरान निर्माण कार्यों पर भी रोक रहेगी। जिले में प्रदूषण नियंत्रण के लिए जिलावासी प्रशासन का सहयोग करें और सरकार के निर्देशों का पालन करें। आसपास कहीं पर भी नियमों का उल्लंघन नजर आए तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को दें। प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को अपनाकर हम वातावरण को साफ रख सकते हैं। नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ललित सिवाच, उपायुक्त, सोनीपत