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पुलिसकर्मियों ने टीचर्स-डे पर दी सीख, छोटे बच्चों को वाहन न चलाने दें, उनके मित्र बनें

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सोनीपत में महिला को जागरूक करतीं इंस्पेक्टर प्रमिला। संवाद - फोटो : Sonipat
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पुलिस ने रविवार को शिक्षक दिवस अनोखे अंदाज में मनाया। थाना प्रभारियों के साथ पुलिसकर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों के घरों में पहुंचे और बच्चों को संस्कारवान बनाने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि छोटे बच्चों को वाहन न चलाने दें और उनके मित्र बनकर उनसे संवाद स्थापित करें। यह भी बताया गया कि बच्चों की पहली गुरु उनकी माता और दूसरा गुरु पिता होता है। शिक्षक इनके बाद आते हैं। ऐसे में बच्चों को बेहतर संस्कार और अच्छी आदत देनी चाहिए।
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रविवार को पुलिसकर्मियों ने लोगों को हैप्पी टीचर्स-डे लिखे पंपलेट भी बांटे। महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रमिला ने लोगों को समझाया कि उपनिषदों में स्पष्ट कहा गया कि - मातृमान-पितृमान पुरुषो वेद: अर्थात माता-पिता और गुरु की आज्ञा का पालन करने और उनकी शिक्षाओं में पले-बढ़े बच्चे संस्कारित और विनयशील होते हैं।
बच्चों को यह शिक्षा देने की दी सीख
-महिलाओं की इज्जत करना सिखाएं
-सड़क के नियमों का पालन करना बताएं
-मोबाइल और इंटरनेट का सही प्रयोग करना सिखाएं
-कोरोना संक्रमण से बचने के नियमों का पालन कराएं
-कोरोना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों-अधिकारियों का सम्मान करना सिखाएं
-बुजुर्गों को सम्मान देने की आदत शुरू से ही डालें
-छोटे बच्चों को वाहन न चलाने दें, उनके बालिग होने का इंतजार करें
-बच्चों को असामाजिक तत्वों से दूर रहना और उनकी सूचना पुलिस को देना बताया जाए
-अपने बच्चों के मित्र बनें, उनसे रोजाना संवाद जरूर करें
-बच्चों की भावनाओं की कद्र करें और उनको भले-बुरे का अहसास कराते रहें
वर्जन
बच्चों को पहली शिक्षा घर से ही मिलती है। अभिभावक ध्यान दें तो बच्चों को संस्कारी बनाया जा सकता है। पुलिस ने माता-पिता को कर्त्तव्य बोध कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाया। इससे पुलिस-पब्लिक संबंध भी बेहतर हो सकेंगे।
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-जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत।
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