मामले में अब एससीएसटी एक्ट लगा दिया गया है। उसके बाद डीएसपी कानून-व्यवस्था को इसका जांच अधिकारी बनाया गया है। लखबीर की हत्या के करीब एक दर्जन वीडियो वायरल हो रहे हैं। ज्यादातर वीडियो एक ही प्रकार के हैं। उनमें लखबीर को बर्बरता के साथ प्रताड़ित किया जा रहा है। सभी में धार्मिक उद्घोष किया जा रहा है। इसके बावजूद सभी वीडियो में दिखने वाले लोग अलग-अलग हैं। उनमें से ज्यादातर निहंग नजर आ रहे हैं।
बहन लेकर गई लखबीर का शव
नृशंस हत्या का शिकार हुए लखबीर का शव लेने उसकी दो बहन और बहनोई सुबह सोनीपत पहुंचे। वह पोस्टमार्टम हाउस से शव लेकर रवाना हो गए। उनको हत्या की जानकारी शुक्रवार को ही मिल गई थी। परिवार के लोगों ने इस बात को सिरे से नकार दिया कि लखबीर धार्मिक ग्रंथ के साथ बेअदबी कर सकता है।
वहीं उसके कुंडली पहुंचने की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। बहन राजकौर, बहनोई मंगत सिंह, मौसेरी बहन गुरजीत कौर और रिश्तेदार लखबीरदास एंबुलेंस लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे थे। राजकौर ने बताया कि उसका भाई अकेला तो घर से अमृतसर तक नहीं जा सकता है। वह न तो किसान था और न ही इस आंदोलन में शामिल था। उसके यहां पहुंचने की भी जांच होनी चाहिए।
कुंडली में हत्या करने के बाद पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की चार कंपनियां कुंडली में तैनात है। घटना के बाद निहंगों में भगदड़ मच गई। हत्या में आरोपी कई निहंग कुंडली छोडकर गुप्त रास्तों से भाग गए हैं। वह पंजाब और दिल्ली तक पहुंच गए। अमृतसर में एक आरोपी के सरेंडर से साफ हो गया है कि यहां से आरोपी निकल गए हैं।
मामले में गहनता से जांच की जा रही है। एससीएसटी एक्ट भी जोड़ दिया गया है। मामले में शामिल सभी आरोपियों का पता लगाकर गिरफ्तार किया जाएगा। जो व्यक्ति वीडियो में दिख रहे हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी। उनको शामिल तफ्तीश किया जा सकता है। - वीरेंद्र सिंह, डीएसपी