सोनीपत। सिविल सर्जन ने ऑस्कर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र में रिकॉर्ड सही नहीं मिलने पर लाइसेंस निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की थी। उस दौरान विभाग को ऑस्कर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र में गर्भ धारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक-विनियमन व दुरुपयोग अधिनियम (पीसीपीएनडीटी एक्ट) के तहत रिकॉर्ड सही नहीं मिला था। इसके बाद एक नोटिस जारी करके रिकॉर्ड ठीक करने के लिए कहा गया था। दोबारा से जांच की गई तो रिकॉर्ड ठीक नहीं होने पर सिविल सर्जन ने निलंबन की कार्रवाई की।
21 अप्रैल को नेशनल इंस्पेक्शन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एनआईएमसी) व स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम ने जिले के कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया था। उस दौरान टीम को ऑस्कर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र में रिकॉर्ड सही नहीं मिला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोटिस जारी किया गया था। सिविल सर्जन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से दोबारा से अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जाकर रिकॉर्ड की जांच गई थी, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की ओर से अधिनियम के मुताबिक रिकॉर्ड ठीक नहीं कर सका। ऐसे में सिविल सर्जन ने कार्रवाई करते हुए अल्ट्रासाउंड केंद्र का लाइसेंस निलंबित कर दिया। साथ ही रेडियोलॉजिस्ट को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
उपायुक्त ने दिए थे अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच के निर्देश
उपायुक्त ललित सिवाच ने 30 मार्च को हुई बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों को पीसीपीएनडीटी एक्ट के अंतर्गत नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि किसी भी सूरत में अवैध रूप से लिंग जांच नहीं होनी चाहिए। इसके लिए कार्रवाई के निर्देश दिए थे। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की पूर्ण सफलता के लिए अवैध लिंग जांच पर पूर्ण रोक जरूरी है।
कोट
ऑस्कर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्र में रिकॉर्ड सही नहीं मिलने पर लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। साथ ही विभाग की ओर से अल्ट्रासाउंड केंद्र के रेडियोलॉजिस्ट को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन सोनीपत
वर्जन
लिपकीय त्रुटि के चलते मशीन में रिकॉर्ड दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अल्ट्रासाउंड केंद्र का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। साथ ही कारण बताओ नोटिस भी मिला है। जल्द ही इसे सही करा दिया जाएगा।
-डॉ. विपिन सांगवान, प्रबंध निदेशक, ऑस्कर अस्पताल